सीबीआई की विशेष अदालत ने शुक्रवार को आठ हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किए गए आरपीएफ के इंस्पेक्टर को सात साल की सजा सुनाई है। न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने आरोपी इंस्पेक्टर पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक बीके सिंह और अनुराग मोदी ने बताया कि 10 मार्च 2014 को दादरी स्टेशन पर केटरिंग/वेडिंग के लाइसेंस धारक अतुल मिश्रा ने सीबीआई को शिकायत की थी। बताया कि आरपीएफ टुंडला में तैनात इंस्पेक्टर गुफरानुल हसन निवासी सर सैय्यद नगर अलीगढ़ ने उनसे हर महीने ढाई हजार रुपये की अवैध वसूली करता है।
कई महीने बाद उनसे साढ़े 17 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। उसके बाद गाजियाबाद सीबीआई की टीम ने रिश्वत देने की बात करने को कहा। इस पर इंस्पेक्टर ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-10 व 11 पर बुलाया। वह आठ हजार रुपये रिश्वत इंस्पेक्टर को दे ही रहे थे कि वहां पहले से मौजूद सीबीआई की टीम ने दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ एक अप्रैल 2014 को चार्जशीट पेश की गई थी।