देश में भारी बहुमत के साथ मोदी सरकार की वापसी ने सरकारी महकमे में भागदौड़ भी मचा दी है। अभी नई सरकार को शपथ लेना बाकी है, लेकिन इससे पहले ही मोदी-2 सरकार के पहले 100 दिन का एजेंडा बनकर तैयार है। नई सरकार शुरुआती दिनों में ही देश को बड़ी राहत दे सकती है। एजेंडे में सभी तरह की दवाओं पर मुनाफा तय करने की योजना शामिल है। दवाओं पर सरकार 30 फीसदी तक मुनाफा तय कर सकती है।
वहीं किडनी डायलिसिस मरीजों को भी पेरिटोनियल डायलिसिस की घर बैठे किट उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा सरकार एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए भी अलग से एक काउंसिल का गठन कर सकती है। फॉर्मा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण (एनपीपीए) ने दवाओं को सस्ता करने का एजेंडा तैयार किया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने किडनी रोगियों से लेकर नए मेडिकल कॉलेज खोलने तक की योजना बनाई है।
दरअसल साल 2014 से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए हैं। इनमें आयुष्मान भारत से लेकर स्टेंट, इम्प्लांट, दवाओं की कीमतों पर मूल्य नियंत्रण इत्यादि शामिल है। आचार संहिता लागू होने से पहले ही मोदी सरकार कैंसर की कई दवाओं को मूल्य नियंत्रण के दायरे में ला चुकी है। शायद इसीलिए फिर से देश में मोदी सरकार बनने से पहले ही स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों ने फाइलों को तैयार करना भी शुरू कर दिया है। सूत्रों की मानें तो कुछ चिकित्सीय कानून भी लंबित पड़े हैं, जिन पर मोदी सरकार शुरुआती 100 दिनों में ही फैसले ले सकती है।
पहचान छिपाते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शपथ ग्ळ्रहण के बाद मंत्रालय की ओर से तैयार एजेंडे को प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया जाएगा। इसके बाद ही एजेंडे से जुड़ी योजनाओं के बारे में आगे की जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि दवाओं के सस्ता होने के प्रस्ताव पर नीति आयोग सहित सभी विभागों से सलाह ली जा चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का एजेंडा भी तैयार
स्वास्थ्य मंत्रालय के एजेंडे में इंडियन हेल्थ सर्विसेज का गठन, आईएएस-आईपीएस की भांति ऑल इंडिया सर्विस, मेडिकल शिक्षा में भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कानून, नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को लागू करना, किडनी डायलिसिस के लाखों मरीजों को घर बैठे पेरिटोनियल डायलिसिस (पीडी) की मुफ्त किट गरीबों को उपलब्ध कराना, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का विस्तार और चार नए मेडिकल कॉलेज खोले जाने के साथ साथ हरियाणा में एम्स प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने जैसी योजनाएं शामिल हैं।