उत्तरी दिल्ली के बाड़ा हिंदूराव इलाके में बुधवार सुबह एक जर्जर इमारत पर अवैध निर्माण कर डाली जा रही छत अचानक गिर गई। हादसे के समय छत पर अवैध निर्माण की जांच करने पहुंचे दिल्ली पुलिस के एएएसआई तीसरी मंजिल से नीचे गिर गए, जबकि उनके साथ मौजूद सिपाही दूसरी मंजिल पर जा गिरा। दोनों को गंभीर हालत में अरुणा आसफ अली अस्पताल ले जाया गया, जहां एएसआई को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक की शिनाख्त एएसआई जाकिर हुसैन (49) के रूप में हुई है। घायल सिपाही दीबू सिंह का अस्पताल में इलाज जारी है। बाड़ा हिंदूराव थाना पुलिस ने निर्माण करा रहे ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर किराएदारों और नौकरों का पुलिस सत्यापन्न का काम जारी है। बुधवार सुबह बाड़ा हिंदूराव थाने का स्टाफ भी इस काम में लगा हुआ था। थाने में तैनात एएसआई जाकिर हुसैन और सिपाही दीबू सिंह सुबह करीब 10.20 बजे राम बाग रोड, बनी गुप्ता बिल्डिंग में पहुंचे।
करीब 70-80 साल पुरानी बिल्डिंग में कई खिलौनों के गोदाम, फैक्टरी चल रही हैं। यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी भी रहते हैं। बिल्डिंग के पास पहुंचने पर जाकिर हुसैन ने देखा कि जर्जर बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर कुछ निर्माण कार्य चल रहा था। खतरे को देखते हुए जाकिर हुसैन ने अवैध निर्माण की सूचना एमसीडी को देने के औपचारिकताएं शुरू की। वह दीबू के साथ छत पर पहुंच गए।
वहां वह कागजी कार्रवाई करने के अलावा अवैध निर्माण की फोटो खींचने लगे। अवैध निर्माण के दौरान छत को टुकड़ी और गाटर डालकर बनाया जा रहा था। अचानक छत भरभराकर गिर गई। किनारे पर खड़े होने के कारण जाकिर तीसरी मंजिल से नीचे मेन रोड पर आ गिर। वहीं बीच में खड़ा होने की वजह से दूसरी मंजिल पर मलबे के साथ गिरा। जाकिर के ऊपर मलबा गिर गया।
हादसे में मलबे की वजह से एक स्कूटी भी चकनाचूर हो गई। प्रत्यक्षदर्शी इसरार अन्य लोगों की मदद से जाकिर व दीबू को मलबे से निकालकर मेन रोड तक ले गए। वहां पीसीआर की छदद दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जाकिर को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने जाकिर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की छानबीन शुरईू कर दी ह।
घर में मचा कोहराम
मूलरूप से गांव गंवारा, किला परीक्षितगढ़, मेरठ के रहने वाले जाकिर हुसैन अपने परिवार के साथ दिल्ली के वजीराबाद में रहते थे। इनके परिवार में पत्नी ग़ुलशन जहां के अलावा दो बेटे एक बेटी है। बेटी रिमशा खान (22), डीयू से ग्रेजुएशन कर रही है। वहीं बड़े बेटे शुएब खान (19) ने 12वीं कक्षा पास की है। वह मेडिकल की तैयारी कर रहा है। छोटा बेटा दानिश खान (15) अभी दसवीं कक्षा में आया है।
जाकिर के भाई शाहिद ने बताया कि सुबह 8.30 बजे उनके भाई घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। इस बीच 11.00 बजे उनके मोबाइल पर थाने से कॉल आई और हादसे की जानकारी मिली। शाहिद ने बताया कि अचानक भाई की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। सभी का रोते-रोते बुरा हाल है। शाहिद ने बताया कि उनके भाई वर्ष 1993 में दिल्ली पुलिस में सिपाही भर्ती हुए थे। इसके बाद टेस्ट देकर वह हवलदार बने। दो साल पहले उनका प्रमोशन हुआ और वह एएसआई बना दिए गए थे।
स्थानीय लोगों का आरोप, पुलिस निगम की मिली भगत से हो रहा था अवैध निर्माण...
गुप्ता बिल्डिंग के आसपास रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में अवैध निर्माण पुलिस और निगम की मिलीभगत से ही होता है। कहीं पर एक ईंट भी लगाई जाती है तो उसकी भनक पुलिस को लग जाती है। बाद में भी काम सेटिंग से हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बुधवार को भी कुछ ऐसा ही मामला था। पुलिस को निर्माण की पहले से जानकारी थी।
अब एएसआई और सिपाही वहां क्या करने आए थे, उसका पता नहीं है। वहीं लोगों के आरोपों से जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि दोनों पुलिसकर्मी अवैध निर्माण की रिपोर्ट तैयार कर उसे निगम को भेजने की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गए।