फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुदीक्षा की मौत का मामलाः अब पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाएगी 'काली बुलेट'

Thu, 13 Aug 2020 04:32 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
विज्ञापन
थाने में जमा काली बुलेट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

गांव चरौरा मुस्तफाबाद मोड़ के पास सोमवार सुबह हादसे का शिकार हुई छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के बाद पुलिस को जाट लिखी काले कलर की बुलेट मोटर साइकिल की सरगर्मी से तलाश है।

विज्ञापन


पुलिस ने नगर क्षेत्र समेत आसपास के सभी गांवों में बुलेट रखने वाले लोगों को चिन्हित कर थाने में बुलेट खड़ी करवा ली है। थाने पर पहुंची बुलेट से आरोपियों का कनेक्शन तलाशा जा रहा है। सुदीक्षा के भाई को थाने पर बुलाकर पहचान कराई जाएगी।

जानकारी के अनुसार जिस स्थान पर यह वारदात हुई है, उसके आसपास वाले जाट बिरादरी के लोगों के गांवों को पुलिस चिन्हित कर रही है। पुलिस ने सैदपुरा, बहादुरपुर पसोली, पिपाला, लोहरका, गंगहारी आदि गांव चिन्हित किए हैं। यहां से पुलिस काले कलर की बुलेट मोटरसाइकिल वालों को थाने पर बुलेट पहुंचाने की बात कह रही है।
विज्ञापन


बुधवार दोपहर तक करीब 20-25 बुलेट थाने पर पहुंच गई थी। पुलिस ऐसी सभी मोटरसाइकिलों का पूरा विवरण भी दर्ज कर रही है। पुलिस को चार बुलेट ऐसी मिली हैं, जिन पर जाट लिखा हुआ है। मंगलवार को पुलिस को मिली वीडियो फुटेज में दो युवक सस्पेक्ट लग रहे थे। जिनका अभी तक सुराग नहीं लग सका है।

जबकि मृतका के भाई निगम भाटी का दावा था कि काले कलर की जाट लिखी बुलेट से हादसा हुआ है। सूत्रों के अनुसार बीती रात पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक बुलेट रखने वाले युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ में जुटी हुई है।

तीन दिन में एसआईटी सौंपेगी रिपोर्ट
थाना क्षेत्र में हादसे का शिकार हुई छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में शासन प्रशासन गंभीर है। आईजी मेरठ प्रवीण कुमार के निर्देश पर पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच कराई जा रही है। एसआईटी की जांच सीओ सिटी दीक्षा सिंह के नेतृत्व में चल रही है। टीम तीन दिन में अपनी जांच रिपोर्ट आईजी मेरठ को सौंपेगी।

एसएसपी ने बताया कि सीओ सिटी के नेतृत्व में अपराध शाखा के निरीक्षक राजेश कुमार यादव और अनिल कुमार को नियुक्त किया गया है। साथ ही एक टीम औरंगाबाद इंस्पेक्टर सुभाष सिंह की देखरेख में काम करेगी। एसआईटी प्रभारी दीक्षा सिंह ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनको जांच में शामिल किया जा रहा है।

पूर्व थाना प्रभारी नोएडा रवाना
डीएम रविंद्र कुमार ने औरंगाबाद थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर और बीबीनगर थाना प्रभारी ध्रुव भूषण दुबे को खुलासे में लगाया है। वे रात दो बजे थाने पर पहुंचे। फिलहाल वे ग्रेटर नोएडा स्थित मृतका छात्रा सुदीक्षा भाटी के गांव को रवाना हो गए हैं। अधिकारी उनसे अपडेट ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि पुलिस मामले की इतिश्री कर वापस बैरंग लौट आई है।

30 घंटों से सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रहीं सीओ

सुदीक्षा भाटी के आरोपियों तक पहुंचने के लिये पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को एड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ रहा है। देर रात दो बजे तक सीओ क्षेत्र में ही रही। फिर सुबह होते ही सीओ सिटी दीक्षा सिंह औरंगाबाद आ गई। सीओ पिछले करीब 30 घंटो से सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज खंगालने में लगी हुई है।

घटनास्थल से लेकर औरंगाबाद थाने तक दर्जनभर से अधिक वीडियो कब्जे में ली है। सीओ के हमराह स्टेट हाईवे के दोनो ओर लगे कैमरों को चिन्हित करके वीडियो एकत्रित कर रहे है। जिससे कि आरोपियों की पहचान करके उन्हें अंजाम तक पहुंचाया जाए । सीओ थाने से आसपास के इलाकों की मॉनिटरिंग कर रही है। नगर पंचायत कार्यालय में दो घंटे तक सीओ ने चेयरमैन अख्तर मेवाती से मंथन किया।

घटनास्थल के आसपास वाले हिरासत में
थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास वाले तीन दुकानदारों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे घटना के विषय मे पूछताछ कर रही है। तीनों की दुकानें घटनास्थल से मात्र 100 कदम की दूरी पर है। पुलिस को संभावना है कि शायद किसी दुकानदार ने घटना को नजदीक से देखा हो।

रात दो बजे तक थाने पर डेरा डाले रहे अफसर
हादसे में छात्रा की मौत के मामले में लखनऊ तक संज्ञान लेने के बाद देर रात तक अफसर औरंगाबाद थाने पर ही जमे रहे। डीएम रविंद्र कुमार शाम सात बजे निकल गए। जबकि एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी दीक्षा सिंह रात दो बजे तक यहां रहे।
विज्ञापन

गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज, तहरीर में छेड़छाड़ का नहीं जिक्र

स्कॉलर छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के मामले में औरंगाबाद थाना पुलिस ने बाइक सवार दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या समेत पांच धाराएं लगाई गई हैं। एफआईआर कॉपी में पीड़ित पिता ने छेड़छाड़ जैसी कोई बात का जिक्र नहीं किया है।

फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गौतमबुद्ध नगर के गांव डेरीस्कनर निवासी जितेंद्र भाटी ने मंगलवार देर शाम को बुलंदशहर सीओ लाइन सिटी राघवेंद्र मिश्र को तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को बेटी सुदीक्षा भाटी अपने अपने चाचा सतेंद्र भाटी व भतीजे निगम भाटी के साथ बाइक पर जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव माधोगढ़ अपनी ननिहाल जा रही थी।

रास्ते में बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़मुक्तेश्वर हाईवे स्थित गांव चरौरा मुस्तफाबाद के सामने पहुंची तो एक काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल जिस पर जाट लिखा था पर दो युवक सवार थे। आरोपियों ने उनकी बाइक को एक-दो बार ओवरटेक किया। इसके बाद लापरवाही से जान बूझकर उनकी बाइक के आगे ब्रेक लगा दिए।

जिस पर सुदीक्षा के चाचा सतेंद्र भाटी ने भी ब्रेक लगा दिये। जिससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बेटी सुदीक्षा सड़क पर गिर गई और उसकी मौत हो गयी। वहीं, औरंगाबाद थाना प्रभारी सुभाष सिंह ने बताया कि आईपीसी की धारा 279, 304ए, 177, 184, 192 के तहत अज्ञात बाइक सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें