4.18 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा आधुनिक मॉड्यूलर रोबोटिक ओटी
शनि पाथौली
नई दिल्ली। दिल्ली एम्स समेत राजधानी के कई बड़े अस्पतालों के बाद अब उत्तर रेलवे केंद्रीय अस्पताल (एनआरसीएच) में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। रेलवे अस्पताल में आधुनिक मॉड्यूलर रोबोटिक ऑपरेशन थिएटर (ओटी) विकसित किया जाएगा। इससे रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों को जटिल सर्जरी के लिए अत्याधुनिक उपचार की सुविधा अस्पताल में ही मिल सकेगी। परियोजना पर करीब 4.18 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और ओटी को पांच महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
रेलवे ने इसके लिए निविदा जारी कर दी है। प्रस्तावित ओटी में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के साथ ऐसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी, जिससे ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके और चिकित्सकों को सर्जरी में अधिक सटीकता हासिल करने में मदद मिले।
कम चीर-फाड़ से सर्जरी, रिकवरी में मदद
रोबोटिक सर्जरी में चिकित्सक अत्याधुनिक तकनीक की सहायता से ऑपरेशन करते हैं। इसमें प्रभावित हिस्से तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत छोटे चीरे लगाए जा सकते हैं। इससे दर्द और रक्तस्राव कम करने तथा मरीज की अस्पताल में रहने की अवधि घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सर्जरी का तरीका मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर तय किया जाएगा।
आधुनिक एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन और 3डी इमेजिंग
प्रस्तावित ओटी में आधुनिक एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन लगाया जाएगा जिसमें वेंटिलेटर और वाष्पीकरण प्रणाली जैसी सुविधाएं होंगी। प्री-रोबोटिक निदान के लिए दूरबीन आधारित शल्य प्रणाली के साथ आईसीजी प्रणाली भी प्रस्तावित है। खुली सर्जरी में भी आईसीजी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा 3डी इमेज कनेक्ट सुविधा और पोलराइज्ड चश्मे की व्यवस्था होगी, जिससे चिकित्सकों को शरीर के अंदर के हिस्सों की बेहतर तस्वीर देखने में मदद मिलेगी।
संक्रमण नियंत्रण पर भी जोर
मॉड्यूलर ओटी में संक्रमण नियंत्रण के लिए हवा की गुणवत्ता, तापमान और नमी को नियंत्रित रखने की व्यवस्था होगी। धूल और सूक्ष्म कणों को कम करने के लिए विशेष फिल्टर आधारित वायु शुद्धिकरण प्रणाली लगाई जाएगी। एचईपीए फिल्टर और संक्रमण-रोधी सतहों के साथ ओटी की सफाई व्यवस्था को भी निर्धारित संक्रमण नियंत्रण मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
चिकित्सा गैसों की अलग पाइपलाइन
ओटी में ऑक्सीजन, नाइट्रस ऑक्साइड, चिकित्सा हवा और वैक्यूम की निरंतर आपूर्ति के लिए अलग चिकित्सा गैस पाइपलाइन प्रणाली प्रस्तावित है। इसमें गैस आउटलेट, अलार्म और आपातकालीन व्यवस्था शामिल होगी।
दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता घटेगी
एनआरसीएच में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने से रेलवे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को आधुनिक सर्जरी के लिए अन्य अस्पतालों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। राजधानी में एम्स, सफदरजंग अस्पताल, राष्ट्रीय क्षय रोग एवं श्वसन रोग संस्थान, दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान और आरएमएल अस्पताल समेत कई संस्थानों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।