मेट्रो की तर्ज पर अब रोडवेज बसों में भी यात्रियों को टिकट की बजाय प्लास्टिक टोकन दिए जाएंगे। गाजियाबाद रीजन में सबसे पहले बुलंदशहर रूट पर योजना को लागू किया जाएगा। इस योजना से रोडवेज का कागज और प्रिंट का खर्चा बचेगा। वहीं टिकट देने में भी हेराफेरी नहीं हो सकेगी।
एआरएम अतुल श्रोत्रिय ने बताया कि गाजियाबाद बस अड्डे पर बने काउंटर पर ही यात्री किराया जमा कर प्लास्टिक टोकन ले सकेंगे। यात्री अप-डाउन यात्रा का पैसा जमा करेंगे तो एक ही टोकन पर उनका रिचार्ज कर दिया जाएगा।
कंडक्टर अपनी ईटीएम से टोकन को रीड कर सकेंगे। इससे टोकन का पूरा ब्योरा ईटीएम में होगा। यात्रा खत्म करने के बाद यात्री यह टोकन कंडक्टर को लौटा देंगे।
यात्रा पूरी होने के बाद टोकन का दुरुपयोग नहीं हो सकेगा। इसके बाद यह केवल प्लास्टिक का एक टुकड़ा रह जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए लखनऊ स्तर पर कवायद शुरू हो चुकी है।
ट्रेड फेयर देखने वालों का बेहतर विकल्प ईएमयू
ट्रेड फेयर देखने वालों को ईएमयू ट्रेनें प्रगति मैदान तक पहुंचाएंगी। गाजियाबाद और दिल्ली के बीच सुबह छह बजे से लेकर रात 11 बजे तक 20 से ज्यादा ट्रेनें हैं। इनके अलावा लंबी दूरी की कई ट्रेनों से भी यात्री पुरानी दिल्ली तक पहुंच सकते हैं।
14 नवंबर से प्रगति मैदान में शुरू होने वाले ट्रेड फेयर में आम लोगों को चार दिन बाद एंट्री मिलेगी। ऐसे में 18 नवंबर से ट्रेड फेयर जाने वालों की भीड़ उमड़ेगी। निजी वाहनों से जाने की बजाय गाजियाबाद से पुरानी दिल्ली की ईएमयू बेहतर विकल्प हो सकती है।
ईएमयू से तिलक ब्रिज तक पहुंचकर दर्शक प्रगति मैदान ऑटो या रिक्शा से पहुंच सकते हैं। दिल्ली से तिलक ब्रिज होकर गाजियाबाद पहुंचने वाली ट्रेनों का संचालन भी देर रात तक होता है। ऐसे में गाजियाबाद लौटने में भी ट्रेड फेयर के दर्शकों को परेशानी नहीं होगी।