शुभम ने कार को ठीक से चलाने की नसीयत दी। इस पर कार चला रहे युवक तरूण बसौया कार से नीचे उतर और उसके साथ गाली गलौच करने लगा। तरूण ने अपने भाई लोकेश को भी मौके पर बुला लिया।
दोनों भाइयों ने शुभम व सचिन को मारना शुरू कर दिया। दोनों भाई शुभम व सचिन को मकान नंबर पी-184 पिलंजी गांव में ले गए। यहां बेसमेंट में दोनों को मुर्गा बना दिया।
विरोध करने पर डंडो से पीटा गया। सचिन ने इसकी सूचना शुभम के चचेरे भाई चेतन सिंह राणा को दी। चेतन सिंह जब उन्हें छुड़ाने मौके पर पहुंचा तो आरोपियों ने उसे भी मुर्गा बना दिया। सूचना मिलने पर साथी अंशु शेखर भी मौके पर आ गया तो उसको भी मुर्गा बनाकर पीटना शुरू कर दिया।
इसके बाद शुभम का ताऊ भगत सिंह राणा छुड़ाने आए। आरोपियों के चुंगल से मुक्त होकर शुभम ने इसकी शिकायत सरोजनी नगर थाना पुलिस को की। सरोजनी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों भाई तरूण बसोया व लोकेश बसोया को रविवार रात को गिरफ्तार कर लिया।