राजधानी के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने का दावा करने वाली दिल्ली पुलिस 2 साल तक यह पता नहीं लगा सकी कि साउथ एक्सटेंशन जैसे स्थान पर 15 मई 2016 को आधी रात बाद बाइक सवार को टक्कर मारने वाली कार ऑडी थी या होंडा एसयूवी?
लचर जांच के चलते सत्र अदालत ने हिट एंड रन मामले में ऑडी कार मालिक के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है। निचली अदालत ने पुलिस के पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लेने के बाद अप्रैल 2019 में समन जारी किया था। हालांकि, पुलिस ने इससे पहले अगस्त 2018 में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल कर कोर्ट से केस बंद करने का आग्रह किया था।
साकेत जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. नीरा भरिहोक ने हरजीत सिंह खंडारी को राहत देते हुए उसके खिलाफ जारी समन व मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता अर्पित बत्रा ने कहा कि उनके मुव्वकिल को इस मामले में समन जारी करना पूरी तरह गलत है। क्योंकि, पुलिस को यह भी नहीं पता कि हादसा करने वाली कार कौन से ब्रांड की है और उसका नंबर क्या है। उसके चालक की जानकारी भी पुलिस के पास नहीं है।
पेश मामला साउथ एक्स पेट्रोल पंप के पास 15 मई 2016 की रात हुए भीषण हादसे से जुड़ा है। तड़के करीब 2.45 बजे तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इसमें एक शख्स सतपाल की मौत हो गई थी, जबकि मदनपाल व उसका बेटा घायल हो गए थे। मदनपाल का कहना था कि हादसे के बाद कार का चालक उनके पास आया, लेकिन सतपाल को मरा देखकर फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल के नजदीक मौजूद रहे अर्चित विरमानी ने पुलिस को बुलाया था। इसके बाद घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। मदनपाल ने पुलिस को बताया था कि जिस कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारी वह एक बड़ी कार थी, जिसका नंबर 7771 या 7777 था।
दूसरी ओर अर्चित विरमानी ने कहा कि वह कार कोई ऑडी या होंडा थी और काले, भूरे या मैरून रंग की थी। उसका नंबर आखिर में 7777 था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाली, लेकिन कार कौन सी थी, पता नहीं लग पाया।
पुलिस ने मदनपाल व अर्चित के बयान के आधार पर कई ऑडी व होंडा कार मालिकों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद हरजीत सिंह खंडारी से पूछताछ के बाद पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था।