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वाजपेयी के नाम पर होगा ब्रिटिश काल का आरएमएल अस्पताल

Thu, 01 Aug 2019 06:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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राम मनोहर लोहिया अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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आजादी से पहले 1932 में अंग्रेजों ने लुटियन जोन में अपनी सेना और कर्मचारियों की चिकित्सीय सहायता के लिए विलिंग्टन अस्पताल बनाया था, जिसे फिलहाल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) के नाम से जाना जाता है। 

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यहां अभी तक पीजी कोर्स संचालित होने के कारण इसे पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन व रिसर्च (पीजीआईएमईआर) नाम से भी जाना जाता था, लेकिन अब इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। आगामी 16 अगस्त को पूर्व पीएम की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक रूप से उद्घाटन भी करेंगे। 
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, आरएमएल में कुछ ही समय पहले एमबीबीएस कोर्स संचालित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। 100 यूजी सीटों पर प्रवेश के बाद एक अगस्त यानी, बृहस्पतिवार से यहां कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। 

अभी तक यहां केवल पीजी सीट में ही पढ़ाई होने के कारण संस्थान का नाम पीजीआईएमईआर व आरएमएल अस्पताल था, लेकिन अब इसका नाम अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज व आरएमएल अस्पताल होगा। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से ही प्रस्ताव मिलने के बाद इसे अंतिम मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए नाम के संस्थान औपचारिक उद्घाटन के लिए पत्र भेजा है। 

फिलहाल 16 अगस्त को आरएमएल अस्पताल परिसर में ही ये कार्यक्रम होना प्रस्तावित है। एक अगस्त से देशभर के चिकित्सीय संस्थानों में शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए एमबीबीएस के प्रथम वर्ष की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।

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