प्रशासन ने यमुना किनारे रहने वाले लोगों से हमेशा सतर्क रहने और केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी है। आज दोपहर एक बजे तक यमुना में इतना पानी छोड़ा गया। हथनी कुंड बैराज पर 322416 क्यूसेक पानी छोड़ा तो वहीं वजीराबाद बैराज पर 38900 और ओखला बैराज 56455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
आज सवेरे यमुना खतरे के निशान से ऊपर (लोहा पुल) बह रही है। दिल्ली में बाढ़ का खतरा है। सोमवार सुबह से हथिनीकुंड बैराज से लगातार करीब 3.25 लाख क्यूसेक पानी हर घंटे छोड़ा जा रहा है। यमुना पहले ही चेतावनी स्तर के ऊपर और खतरे के निशान के करीब है तो वहीं हीं सुबह 10 बजे 204.90 मीटर यमुना का जलस्तर है। एक बार फिर से साल 2023 में आई बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। तब भी जब एक साथ 3 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया था तो दिल्ली में आफत आ गई थी।
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हालांकि कल यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था, लेकिन पानी चेतावनी स्तर 204.5 मीटर से काफी ऊपर था। रविवार रात 8 बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 205 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन ने यमुना किनारे रहने वाले लोगों से हमेशा सतर्क रहने और केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी है।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर से कुछ नीचे आने से राहत है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, सोमवार रात तक जलस्तर 204.9 मीटर तक नीचे आ सकता है। फिर भी प्रशासन ने कहा कि जब तक पानी चेतावनी स्तर से नीचे नहीं जाता, सतर्कता जरूरी है। हथनीकुंड बैराज से सोमवार को देर रात तक 74,095 क्यूसेक, वजीराबाद बैराज से 44,320 क्यूसेक और ओखला बैराज से 53,801 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता रहा है। यमुना बाजार और कश्मीरी गेट जैसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि आज दोपहर एक बजे तक यमुना में इतना पानी छोड़ा गया। हथनी कुंड बैराज पर 322416 क्यूसेक पानी छोड़ा तो वहीं वजीराबाद बैराज पर 38900 और ओखला बैराज 56455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।