एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि दिल्ली में पहाड़ी इलाकों से ज्यादा ठंड है। बीते कुछ दिनों में एम्स की ओपीडी में 20 फीसदी से ज्यादा मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। इसमें बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग शामिल हैं। सांस लेने की बीमारी से लेकर दिल के मरीजों की संख्या बहुत बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि दिल के रोगियों को अपना खूब ख्याल रखना चाहिए।
निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि ठंड के मौसम में त्वचा में सूखापन होता है और आंखों में जलन होती है। वायरल संक्रमण और इंफ्लूएंजा के मामले भी अधिक होते हैं, क्योंकि वायरस अधिक संख्या में हवा में रहता हैं। इतना ही नहीं छोटे बच्चों और बड़ों को निमोनिया का खतरा भी हो सकता है। उन्होंने सलाह दी है कि सुबह की सैर लोगों को पूरी तरह से कवर होकर करनी चाहिए।
हर साल आते हैं हाइपोथर्मिया के मामले
दरअसल दिल्ली में हर वर्ष हाइपोथर्मिया से जुड़े मामले आते हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका विशेषज्ञ जता रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान का शरीर बाहरी वातावरण के तापमान का प्रभाव नहीं झेल पाता है। शरीर ठंडा होने के बाद भी अगर कंपकंपी नहीं छूट रही है तो यह एक गंभीर संकेत है।
हार्ट ऑपरेशन वालों को सतर्कता जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार जो रोगी हार्ट सर्जरी से गुजर चुके हैं, उन्हें सतर्क रहने की काफी जरूरत है। साथ ही श्वास संबंधी रोगी भी अपनी दवाएं और डॉक्टर की सलाह पर पूरा ध्यान दें। इस मौसम में लोगों को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ सकता है।