दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि टैक्सी, एप आधारित टैक्सी संचालकों की लंबित मांगों पर सरकार की तरफ से सुनवाई नहीं हुई है। इससे नाराज काली पीली टैक्सी समेत तमाम संगठनों ने हड़ताल का फैसला लिया है। अपनी मांगों के समर्थन में 18-19 अप्रैल को सभी टैक्सी और बसें चक्का जाम करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार भ्रम फैला रही है कि एसोसिएशन से बात चल रही है। प्रमुख मांगों में एप आधारित टैक्सी का किराया सरकार तय करे, पैनिक बटन की अनिवार्यता खत्म की जाए, स्पीड गर्वनर की चेकिंग के नाम पर 2,500 रुपये लेना बंद करने सहित आल इंडिया टूरिस्ट परमिट की डीजल बसें और टेम्पो ट्रैवलर को 10 साल की वैधता दी जाए।
मांग पर विचार करेगी उच्चस्तरीय कमेटी: गहलोत
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि ऑटो-टैक्सी चालकों की दिक्कतों और मांगों पर विचार करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति पूरे मामले पर विचार करेगी। उसकी सिफारिशों के अनुरूप ही कदम उठाए जाएंगे। तब तक ऑटो-टैक्सी चालकों को दिल्लीवासियों की परेशानी के मद्देनजर हड़ताल जैसे कदम से बचना चाहिए।