नर्सें वह नायाब प्रतिभाएं हैं जो हमेशा पर्दे के पीछे रहते हुए चुपचाप मरीजों की स्थिति सुधारने की दिशा में काम करती हैं। एक समुदाय के रूप में हमारे देश को स्वस्थ रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, जो पूरी लगन और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करता है। उनके योगदान और उनके अस्तित्व का जश्न मनाने के लिए, राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एवम् रिसर्च सेंटर (आरजीसीआईआरसी) ने होटल क्राउन प्लाजा, रोहिणी में ‘नर्सेस, ए वॉयस टू लीड... हेल्थ फॉर ऑल’ थीम पर सी.एन.ई कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां चर्चा, वार्ता, प्रस्तुति, प्रश्नोत्तरी और विभिन्न गतिविधियों के साथ नर्सों के कार्य एवम् उनके योगदान को सेलीब्रेट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों; नर्सेस आर फाउंडेशन - “टू अफोर्डेबल एंड एक्सेसिबल केयर“, “हेल्थ फॉर ऑल मीन - हेल्थ ब्रॉट इन रीच ऑफ एवरीवन’’, ‘‘नर्सेस आर द वॉयस फॉर योर पेशेंट्स’’, ‘‘नर्सेस लेड इनिशिएटिव्स’ पर पैनल चर्चा हुई। ज्ञानवर्धक सत्रों के बीच ‘हेल्थ फॉर ऑल’ विषय मज़ेदार प्रश्नोत्तरी सत्र, ‘‘हू एम आई : एक्टिविटी’’ सहित पोस्टर प्रेजेन्टेशन आयोजित की गई।
डॉ. डीएस नेगी (सीईओ, आरजीसीआईआरसी) ने कहा, स्वास्थ्य सेवा की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण लोगों के योगदान का जश्न मनाने के लिए इस तरह की गतिविधि का हिस्सा होना अच्छा अनुभव है। नर्सों के बिना कोई व्यक्ति सहज निष्पादन के बारे में नहीं सोच सकता है और मेरा मानना है कि उनका योगदान एक डॉक्टर या मरीज के परिवार से भी अधिक है।
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पूरे नर्सिंग समुदाय के लिए फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद करने और उनके आदर्शों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का एक अवसर है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग को मानवता की सेवा के रूप में स्थापित किया था। उन्होंने नर्सों को समर्पण, प्रतिबद्धता और करुणा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। हर साल अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती मनाने और लोगों के स्वास्थ्य के प्रति उनके अथक प्रयासों और योगदान के लिए नर्सों को धन्यवाद देने के लिए दुनिया भर में 12 मई को मनाया जाता है।