ई-मेल के जरिये भी टैग के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। इसके लिए एक ई-मेल preregistertags@gmail.com पर अपने मूल दस्तावेज की कॉपियां भेजी जा सकती हैं। ऐसे आवेदनों के आधार पर टैग जारी कर दिया जाएगा। जिस टोल प्वाइंट से वाहन का प्रवेश होगा, ई-मेल में जिक्र करने पर वहीं टैग भी उपलब्ध कराई जाएगी।
टैग लेने में लग रहा है घंटों वक्त
वाणिज्यिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने और राजधानी को जाम मुक्त बनाने के लिए आरएफआईडी की दिशा में की गई पहल का सभी को फायदा मिलेगा। टैग हासिल कर चुके वाहनों को प्रवेश में पांच सेकेंड का वक्त लगेगा, लेकिन टैग हासिल करने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्टरों की बढ़ी मुश्किलें
दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट आर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों के मुताबिक, टोल से गुजरने वालों को इतना लंबा इंतजार करने की वजह से उन्हें कारोबार में नुकसान हो रहा है। एडीसी का कहना है कि टैग के होने से वाहन चालकों को प्रवेश में काफी कम वक्त लग रहा है। टैक्सी यूनियन के सदस्यों को इस तरह की दिक्कत नहीं आए, इस लिहाज से सुविधा मुहैया की गई है।