दिल्ली के 79.9 फीसदी अभिभावक सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के स्तर से खुश हैं। 90.51 फीसदी अभिभावक मानते हैं कि स्कूलों में अच्छा काम हो रहा है। इस बात का खुलासा ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के एडम स्मिथ बिज़नेस स्कूल द्वारा दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पैरेंटल इंगेजमेंट' पर की गई स्टडी में हुआ है। ग्लासगो यूनिवर्सिटी के साथ इस स्टडी में किंग्स कॉलेज लंदन और नीदरलैंड की टिलबर्ग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स भी शामिल हैं।
स्टडी के नतीजों के अनुसार 90 फीसदी से अधिक अभिभावकों का मानना है कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर आशान्वित हैं और मानते हैं कि यहां उनके बच्चों के भविष्य की बेहतर नींव डाली जा रही है। स्टडी के नतीजों को विश्वविद्यालय ने सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एक बैठक में साझा किया। स्टडी के अनुसार, 90% माता-पिता इस बात से सहमत हैं कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में प्रधानाध्यापक अपनी जिम्मेदारियों को बहुत गंभीरता से लेते हैं। लगभग 80% माता-पिता शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की गुणवत्ता से संतुष्ट हैं। 87% अभिभावकों ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में शिक्षकों का प्रदर्शन असाधारण है।
स्टडी में स्कूल में मौजूद सुविधाओं को लेकर अभिभावकों के विचार
91% पैरेंट्स स्कूल में पानी की उपलब्धता को लेकर संतुष्ट हैं। 94.84% पैरेंट्स स्कूल में साफ सफाई को लेकर संतुष्ट हैं। 92% पैरेंट्स का मानना है कि स्कूल में उनके बच्चों को बेहतर टीचिंग मटेरियल मिलता है। क्लासरूम की क्वालिटी से भी 96.78% पैरेंट्स संतुष्ट हैं। बता दें कि ये स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, टिलबर्ग यूनिवर्सिटी और किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने की थी। स्टडी मई से जुलाई 2022 के बीच की गई। इसमें दिल्ली सरकार के विभिन्न स्कूलों के 2886 अभिभावकों के साथ चर्चा की गई।
ग्लासगो विश्वविद्यालय द्वारा की गई स्टडी के निष्कर्षों को साझा करते हुए, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, बच्चों के शिक्षा और सर्वांगीण विकास में माता-पिता की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षा मॉडल पर विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों द्वारा इस तरह की स्टडी से हमें खुद का आकलन करने, अपने स्कूलों में बच्चों के लिए सीखने का शानदार माहौल बनाने में सहायता मिलती है।