बिल्डर, पूर्व कांग्रेसी नेता और लोकदल के पूर्व महानगर अध्यक्ष हरिमोहन कौशिक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हरिमोहन के भतीजे प्रशांत के हापुड़ निवासी साले वोदेश शर्मा ने सात लाख रुपये सुपारी देकर हत्या कराई थी।
वारदात के लिए उसने हापुड़ के शार्प शूटर बिल्लू उर्फ दिनेश को जेल से जमानत पर छुड़वाया था। कविनगर पुलिस ने एमबीए पास वोदेश को प्रॉपर्टी डीलर साथी और एक अन्य समेत गिरफ्तार कर लिया है।
इनके पास से तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। बिल्लू और उसका साथी भूपेंद्र भागे हुए हैं। हरिमोहन प्रशांत की हत्या में जेल गए थे, जीजा की हत्या के बाद से वोदेश खुन्नस खाए था।
एसपी सिटी शिवहरि मीणा ने बताया कि पांच माह पहले वोदेश ने हत्या की साजिश रची थी। वोदेश ने दोस्त चुन्नू निवासी हापुड़ के जरिये सुपारी किलर बिल्लू से मुलाकात की।
सात लाख रुपये सुपारी बिल्लू को दी। राजवीर निवासी जीटी रोड और दिल्ली ताहिरपुर निवासी भूपेंद्र के साथ मिलकर बिल्लू ने हरिमोहन का पीछा महेंद्रा एंक्लेव स्थित साइट से बाइक पर किया।
बाइक शास्त्रीनगर में राजवीर के प्रॉपर्टी डीलिंग ऑफिस के बाहर खड़ी की। यहां से दूसरी बाइक पर शास्त्रीनगर ए-ब्लॉक स्थित हरिमोहन की कोठी के गेट पर बिल्लू और भूपेंद्र हरिमहोन पर गोलियां बरसाकर भाग गए।
हत्या के बाद बिल्लू को वोदेश ने सुपारी की रकम दे दी थी। पुलिस ने वोदेश, राजवीर और चुन्नू को चिरंजीव विहार की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया है। बिल्लू और भूपेंद्र की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
इस मामले में अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि पहले दिन से वारदात में किसी ‘अपने’ की भूमिका मानी जा रही थी। अमर उजाला ने इस संबंध में कई खबरें प्रकाशित की थीं।
16 अक्तूबर को हत्या
16 अक्तूबर 2014 को हरिमोहन कौशिक की उनकी कोठी के बाहर ही गोलियों से भून दिया गया था। जख्मी हरिमोहन की 18 अक्तूबर को नोएडा के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बाइक सवार तीन बदमाशों ने वारदात की थी। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
बहन के आंसू नहीं देखे जाते थे: वोदेश
वोदेश की बहन नेहा की शादी हरिमोहन कौशिक के भतीजे प्रशंात के साथ हुई थी। प्रशांत की हत्या 19 अगस्त 2012 को कर दी गई थी। हरिमोहन कौशिक पर प्रशांत की हत्या कराने का आरोप था।
हालांकि इसके बाद परिवार ने नेहा की दूसरी शादी कर दी थी। लेकिन वोदेश ने जीजा की हत्या का बदला लेने की ठान ली थी। वोदेश ने बताया कि वह बहन केआंसू नहीं देख पाता था। उसका खून खौल जाता था।
ऐसे बनी साजिश
पुलिस ने बताया कि चुन्नू ने वोदेश से कहा कि सुपारी देकर हरिमोहन की हत्या की जा सकती है। उसका दोस्त बिल्लू पेशेवर अपराधी है, जो डासना जेल में है। इसके बाद चुन्नू ने बिल्लू से जेल में मुलाकात की।
वोदेश ने बिल्लू के केस की पैरवी कर उसे डासना जेल से जमानत पर छुड़वाया। बिल्लू ने पांच लाख सुपारी मांगी, जेल से निकलने के बाद सुपारी की रकम सात लाख कर दी।