कर्नल को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने के मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। मामले की जांच एसपी क्राइम एके सिंह की अगुवाई में की जा रही है। रविवार शाम को एके सिंह सेक्टर-29 स्थित रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान के घर पहुंचे।
यहां करीब साढ़े तीन घंटे तक एसपी क्राइम ने मामले की जानकारी ली और जरूरी दस्तावेज एकत्रित किए। इस दौरान कैप्टन विकास गुप्ता भी मौजूद रहे। वहीं, मीडिया से रिटायर्ड कर्नल ने कहा कि उनके साथ जो हुआ है, वह बहुत गलत है। थाना प्रभारी व सीओ के खिलाफ जो कार्रवाई हुई है। उससे वह संतुष्ट नही हैं। इसमें प्राधिकरण भी दोषी है।
पुलिस के मुताबिक, मामले में एकतरफा कार्रवाई करने को लेकर तत्कालीन थाना प्रभारी और सीओ को शुक्रवार को जिले से ही बाहर कर दिया गया है। उच्चस्तरीय दो सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इस मामले को लेकर शासन स्तर पर अभी और कार्रवाई होने के संकेत मिले हैं।