-कई विद्यार्थियों को प्रति विषय औसतन दो से पांच अंकों का लाभ
- एक छात्र का आरोप पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं किया, तब भी घट गए अंक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी बारहवीं की उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट ने छात्रों की परेशानी को बढ़ा दिया है। पुनर्मूल्यांकन के बाद कई छात्रों के अंकों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कुछ विद्यार्थियों के अंक पहले की तुलना में कम हो गए हैं। इससे छात्रों के बीच भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई है। एक विद्यार्थी ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं करने के बावजूद उनके अंक घट गए हैं। वहीं, कई छात्रों का कहना है कि जवाब ठीक है, बावजूद इसके दोबारा की चेकिंग में उनके अंक जीरो दर्ज हैं।
सीबीएसई ने रविवार रात को बारहवीं पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट जारी कर दिया। साथ ही छात्रों के लिए अंकों का सत्यापन भी किया गया है। इस रिजल्ट के बाद कई विद्यार्थियों को एक या एक से अधिक विषयों में 2 से 5 अंकों तक का फायदा मिला है। बोर्ड पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि जिनके अंक बढ़ेंगे उनकी आवेदन शुल्क की फीस को वापस किया जाएगा। वहीं कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो अपने परिणाम से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर विद्यार्थियों के ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें छात्रों के अंक पुनर्मूल्यांकन के बाद घट गए। जबकि उन्होंने उस विषय के लिए आवेदन भी नहीं किया। सोशल मीडिया पर एक छात्र ने आरोप लगाया कि उनके पहले गणित में 26 अंक थे, लेकिन अंकों के सत्यापन के बाद वह 25 हो गए। आरोप है कि एक अंक की कमी ने उन्हें फेल की श्रेणी में पहुंचा दिया। विद्यार्थी और उनके अभिभावक इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि पुनर्मूल्यांकन का उद्देश्य त्रुटियों को सुधारना और वास्तविक अंक सुनिश्चित करना होता है, लेकिन अंक कम होने की स्थिति ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी हैं जिनके पुनर्मूल्यांकन के परिणाम अभी तक घोषित नहीं हुए हैं। लंबित परिणामों के कारण छात्र आगे की प्रवेश प्रक्रिया, काउंसलिंग को लेकर परेशान हैं। इस कारण विद्यार्थियों ने बोर्ड से जल्द शेष परिणाम जारी करने की मांग की है। बोर्ड स्पष्ट कर चुका है कि चरणबद्ध तरीके से जल्द ही बाकी रिजल्ट जारी कर दिए जाएंगे।