प्रवासी मजदूरों की यातना पूर्ण घर वापसी की खबरों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को भरोसा दिलाया है कि किसी को भी दिल्ली सरकार बेसहारा नहीं छोड़ेगी। प्रवासी मजदूरों की मर्जी पर उन्हें ट्रेन से उनके घर भेजा जाएगा। इसके लिए केजरीवाल ने शुक्रवार के उस आदेश का जिक्र भी किया है, जिसमें जिला अधिकारियों व पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वह प्रवासी मजदूरों की ट्रेन से वापसी सुनिश्चित करें।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की जिम्मेदारी हमारी है। अगर वह दिल्ली में रहना चाहते हैं तो वह उनका पूरा ख्याल रखेंगे और अगर वह अपने गांव लौटना चाहते हैं तो उनके लिए ट्रेन का इंतजाम किया जा रहा है। किसी को भी बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को उस आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी प्रवासी मजदूर को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। अगर कोई सड़क पर पैदल निकल गया है तो जिला अधिकारी व पुलिस आयुक्त उसे तुरंत नजदीकी शेल्टर होम में ले जाएं। वहां उनको तब तक खाना-पानी दिया जाए, जब तक उनके लिए ट्रेन का इंतजाम न हो जाए।
सिसोदिया ने किया जांच केंद्र का दौरा
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रविवार को घर जाने को तैयार प्रवासी मजदूरों की जांच के लिए बनाए गए केंद्रों पर पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे इंतजाम का जायजा लिया और मजदूरों से बातचीत की। सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार ने अब तक 35000 प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया है। रविवार को भी आठ ट्रेनों से करीब 12000 प्रवासी घर गए। सिसोदिया के मुताबिक, जांच केंद्रों पर पहुंचे ज्यादातर वे लोग थे, जो दो से छह महीने पहले काम की तलाश में दिल्ली आए थे।
गोपाल राय का यूपी की मंत्री पर तंज
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री उदयभान सिंह के उस बयान पर दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने तंज कसा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मजदूर खेतों में से अपराधी की तरह भाग रहे हैं। गोपाल राय के मुताबिक, कोरोना महामारी की वजह से मजदूर पलायन कर रहे हैं। उनकी मदद करने के बजाय पहले भाजपा सरकार मजदूरों के सभी अधिकार छीन लिए और उनके मंत्री मजदूरों को चोर-डकैत कह रहे हैं। इससे लगता है कि भाजपा के नेता कोरोना का खत्म करने की जगह मजदूरों को खत्म करने में लगे हैं।