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Delhi NCR News: द्वारका में कचरे के ढेर से रहवासी परेशान, एमसीडी आयुक्त को लिखा पत्र

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-पत्र में लिखा गया कि द्वारका में कचरा नियमित नहीं उठाया जा रहा है नालियां भरी और सड़कों पर कचरा और धूल बिखरी हुई
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली।
द्वारका के हजारों परिवार लंबे समय से कचरे और गंदगी से परेशान हैं। सड़कों पर कचरा, नालियों में गंदगी और बदबू ने स्थानीय लोगों की जिंदगी मुश्किल बना दी है। ऐसे में आल द्वारका रेजिडेंट्स फेडरेशन (एडीआरएफ) ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) आयुक्त को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि अगर सफाई की व्यवस्था तुरंत नहीं सुधारी गई, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। एडीआरएफ के अध्यक्ष अजीत स्वामी ने पत्र में लिखा कि द्वारका में कचरा नियमित नहीं उठाया जा रहा है। नालियां भरी हुई हैं, सड़कों पर कचरा और धूल बिखरी हुई है। इसके कारण मच्छर बढ़ रहे हैं और बीमारियां फैल रही हैं। फेडरेशन ने अपने पत्र के साथ फोटो भी संलग्न किए हैं, जिनमें सड़कों पर कचरे के ढेर, भरे हुए डस्टबिन और गंदी नालियां साफ दिख रही हैं।
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पत्र के अनुसार, रहवासियों की मुख्य मांगें यह हैं कि दिन में दो बार कचरा उठाया जाए, नालियों की रोज सफाई और सिल्ट हटाया जाए। इसके अलावा, शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के जरिए सफाई व्यवस्था पर निगरानी हो। फेडरेशन ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। पत्र की प्रति दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और लेफ्टिनेंट गवर्नर को भी भेजी गई है। दूसरी ओर, दिल्ली सरकार ने हाल ही में बजट में कचरा प्रबंधन के लिए करोड़ रुपये आवंटित किए थे। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट बढ़ाने और पुराने कचरे को कम करने की योजनाओं का दावा किया गया था। लेकिन द्वारका जैसे बड़े इलाके में आज भी स्थिति गंभीर है। रहवासी पूछ रहे हैं कि सरकार के करोड़ों रुपये कहां खर्च किए जा रहे हैं। एडीआरएफ के पदाधिकारियों ने कहा कि वह सिर्फ शिकायत नहीं कर रहे हैं, बल्कि बदलाव चाहते हैं। द्वारका साफ-सुथरा इलाका था, इसे फिर से वैसा बनाओ।
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