दिल्ली के कई आरडब्ल्यूए और सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री से पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगने वाले वैट को घटाने की मांग की है। उनका कहना है कि तेल की कीमतों में रोज हो रहे इजाफे से लोग परेशान हैं।
दिल्ली रेजिडेंटस फोरम के संयोजक वीके अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4 अक्तूबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतें ढाई रुपए घटाई थी। इसके अलावा उत्तर-प्रदेश और हरियाणा की सरकारें भी वैट कम कर अपने राज्य के लोगों को राहत दे चुकी हैं। इसलिए दिल्ली सरकार को भी पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैल्यू ऐडेड टैक्स (वैट) को घटाकर राहत देनी चाहिए।
महिला प्रगतिशील एसोसिएशन की सचिव ऋतु भाटिया ने कहा कि फेस्टिव सीजन में दिल्ली में सार्वजनिक संसाधनों की कमी के चलते लोग निजी वाहन का प्रयोग करने के लिए मजबूर हैं, जिससे उनकी जेब ढीली हो रही है। वहीं, आनंद विहार निवासी मनीष चावला का कहना है कि हरियाणा और उत्तर-प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें दो और तीन रुपए कम होने के कारण लोगों को बॉर्डर पर जाकर पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है। ईस्ट दिल्ली आरडब्ल्यूए फेडरेशन के अध्यक्ष वीएन बाली ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों से वैट घटाकर ही दिल्ली सरकार लोगों को राहत प्रदान कर सकती है।