आयकर विभाग द्वारा करीब तीन दिन तक दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत के आवास पर चली छापेमारी का जवाब उनकी लीगल टीम ने दिया है। इसके लिए बाकायदा बयान जारी कर छापेमारी को पूरी तरह से गलत और उनके मुवक्किल को परेशान करने वाला बताया है। साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
मीडिया को जारी बयान में कहा गया है कि आयकर विभाग की तरफ से छापेमारी पर जानबूझकर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। विभाग ने बसंतकुंज के जिस घर में करीब 60 घंटे तक छापेमारी की, उसी में गहलोत अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ रहते हैं। लंबी तलाशी के बाद अधिकारियों को सिर्फ 11 लाख रुपये मिले। लीगल टीम का आरोप है कि इस दौरान बच्चों की कॉपी, किताब, पेंटिंग व बिस्तर तक को नहीं छोड़ा।
लेकिन उनको कहीं से कुछ नहीं मिला। वहीं, शुरुआती कुछ घंटों में तलाशी पूरी हो जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी 60 घंटे तक फ्लैट में रुके रहे। इससे पूरे परिवार समेत कैलाश गहलोत को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि इस पूरे मसले पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
छापेमारी पर उठाया सवाल
आप विधायक नितिन त्यागी का कहना है कि इनकम टैक्स की रेड से एक बार फिर सवाल उठा है। आईटी वाले क्यों ऐसे ही किसी के यहां पहुंच जाते हैं कि जो भी मिलेगा उठा लेंगे, या कोई विशेष जानकारी होती है कि क्या ढूंढना है? या ऊपर से आदेश आता है कि जाओ परेशान करो? क्योंकि कैलाश गहलोत के यहां तो कुछ नहीं मिला।