फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैलाश गहलोत के मुद्दे पर भाजपा ने दिल्ली सरकार पर किया प्रहार, वकीलों ने छापेमारी को बताया गलत

Sun, 14 Oct 2018 05:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

भाजपा ने दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत के घर पर आयकर के छापे को लेकर दिल्ली सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी ने कहा अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली के इतिहास में सबसे भ्रष्ट सरकार है। यदि उनमें नैतिकता बची है तो तुरंत प्रभाव से कैलाश गहलोत व सतेंद्र जैन को मंत्रिमंडल से हटाया जाए।

विज्ञापन

 
प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि इस सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत एवं सतेंद्र जैन ने भ्रष्टाचार में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को भी पीछे छोड़ दिया है। कैलाश गहलोत, सतेंद्र जैन एवं असीम अहमद जैसे मंत्रियों के भ्रष्टाचार को देखकर दिल्ली की जनता समझ रही है कि आखिर क्यों अरविंद केजरीवाल दिल्ली को मजबूत लोकायुक्त देने में आनाकानी करते रहे हैं।  

तिवारी ने कहा, जानकारी के अनुसार मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा लगभग 120 करोड़ रुपये टैक्स चोरी का मामला सामने आने के साथ ही दुबई में अघोषित निवेश की भी जानकारी सामने आई है और शेयर एवं बेनामी संपत्ति के मामले भी खुले हैं। उन्होंने कहा कैलाश गहलोत से पहले मंत्री सतेंद्र जैन के भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। बावजूद दोनों ही मंत्रिमंडल में हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा सत्ता में आने से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नैतिक मूल्यों की दुहाई देते थे और अकसर अपने चुनावी भाषणों में कहते थे कि मैं भ्रष्ट आचरण वालों को विधानसभा में बैठने नहीं दूंगा, पर यह विडंबना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले अपने भ्रष्ट मंत्री असीम अहमद पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर कोई कार्रवाई नहीं की। केवल मंत्रिमंडल से हटाकर मामला दबा दिया। उन्होंने कहा दिल्ली भाजपा मांग करती है कि राष्ट्रीय राजधानी की राजनीतिक गरिमा को ध्यान रखते हुए अरविंद केजरीवाल अविलंब भ्रष्ट मंत्रियों कैलाश गहलोत एवं सतेंद्र जैन को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें।

विज्ञापन

 वकीलों ने आयकर विभाग की छापेमारी को बताया गलत

आयकर विभाग द्वारा करीब तीन दिन तक दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत के आवास पर चली छापेमारी का जवाब उनकी लीगल टीम ने दिया है। इसके लिए बाकायदा बयान जारी कर छापेमारी को पूरी तरह से गलत और उनके मुवक्किल को परेशान करने वाला बताया है। साथ ही कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
   
मीडिया को जारी बयान में कहा गया है कि आयकर विभाग की तरफ से छापेमारी पर जानबूझकर गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। विभाग ने बसंतकुंज के जिस घर में करीब 60 घंटे तक छापेमारी की, उसी में गहलोत अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ रहते हैं। लंबी तलाशी के बाद अधिकारियों को सिर्फ 11 लाख रुपये मिले। लीगल टीम का आरोप है कि इस दौरान बच्चों की कॉपी, किताब, पेंटिंग व बिस्तर तक को नहीं छोड़ा।

लेकिन उनको कहीं से कुछ नहीं मिला। वहीं, शुरुआती कुछ घंटों में तलाशी पूरी हो जाने के बाद भी विभागीय अधिकारी 60 घंटे तक फ्लैट में रुके रहे। इससे पूरे परिवार समेत कैलाश गहलोत को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि इस पूरे मसले पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।      
  
छापेमारी पर उठाया सवाल
आप विधायक नितिन त्यागी का कहना है कि इनकम टैक्स की रेड से एक बार फिर सवाल उठा है। आईटी वाले क्यों ऐसे ही किसी के यहां पहुंच जाते हैं कि जो भी मिलेगा उठा लेंगे, या कोई विशेष जानकारी होती है कि क्या ढूंढना है? या ऊपर से आदेश आता है कि जाओ परेशान करो? क्योंकि कैलाश गहलोत के यहां तो कुछ नहीं मिला।      
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें