सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर बुधवार को दिल्ली में हुई डॉक्टरों की हड़ताल के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि सिफारिशों को लागू कराने के लिए कोई विशेष आदेश जारी नहीं हुआ है। चूंकि डॉ. राम मनोहर लोहिया और सफदरजंग अस्पताल ने इसे जूनियर और सीनियर रेजीडेंट के लिए लागू किया है। इसलिए केंद्रीय विवि के मेडिकल कॉलेजों में यह नियम लागू किया जा सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक कार्यालय से ये पत्र एचआरडी मंत्रालय की निदेशक डॉ. रेणुका मिश्रा के सवाल के जवाब में भेजा गया है। बहरहाल, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुमेध का कहना है कि लंबे समय से रेजीडेंट डॉक्टर सातवां वेतन आयोग लागू करने की मांग कर रहे थे। दिल्ली में जहां बार-बार हड़ताल हो चुकी है।
वहीं कुछ माह पहले अलीगढ़ मुस्लिम विवि के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भूख हड़ताल की थी। उन्होंने मंत्रालय के पत्र को लेकर कहा है कि अब बनारस हिंदू विवि, अलीगढ़ मुस्लिम विवि, जामिया हमदर्द और दिल्ली स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के रेजीडेंट डॉक्टरों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिल सकेगा।
हालांकि, बृहस्पतिवार को एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को यूजीसी एवं एचआरडी मंत्रालय में इस मुद्दे पर विचार के लिए बुलाया है लेकिन इनका कहना है कि एसोसिएशन को जो निर्देश चाहिए थे, वे मंत्रालय से मिल चुके हैं। इसी के साथ ही रेजीडेंट डॉक्टरों की लंबे समय से चल रही अधिकारों की लड़ाई अब पूरी हो चुकी है।