सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय होम्योपैथिक संस्थान में जल्द ही दवाइयों की चूहों पर रिसर्च शुरू हो सकेगी। संस्थान में जानवरों की लैब तैयार हो गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नए साल तक लैब शुरू हो जाएगी। अभी अस्पताल में जेब्रा फिश पर रिसर्च चल रही है।
भारत सरकार की ओर से नोएडा के सेक्टर-24 में केंद्रीय होम्योपैथिक संस्थान बनाया गया है। संस्थान में हर दिन करीब 500 मरीज ओपीडी में आते हैं। यहां पर मरीजों के लिए भर्ती होने तक की सुविधा है। बीमारियों की जांच के लिए लैब भी बनी हुई है। इस संस्थान में दवाइयों पर रिसर्च होती है। संस्थान होम्योपैथिक दवाइयों का स्टैंडर्ड निर्धारित करता है।
अब रिसर्च के उद्देश्य से ही जानवरों की लैब बनाई गई है। लैब के फर्श पर पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसे साफ करने के लिए हल्का गीला कपड़ा इस्तेमाल होगा। कमेटी फॉर द परपज ऑफ कंट्रोल एंड सुपरविजन ऑफ एक्सपैरिमेंट्स ऑन एनिमल (सीपीसीएसईए) को इसकी फाइल भेजी जा चुकी है। अगर लैब में कुछ कमियां होंगी, तो सीपीसीएसईए की तरफ से ठीक कराने के लिए कहा जाएगा। उसके बाद रिसर्च शुरू हो जाएगी।
अस्पताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर योगेंद्र राय ने बताया कि उम्मीद है कि नई लैब इस साल के अंत में शुरू हो जाए। इससे दवाइयों पर और बेहतर रिसर्च हो सकेगी। अभी संस्थान में जेब्रा फिश पर रिसर्च चल रही है।
दिल्ली से आ रहे हैं डेंगू केसैंपल
केंद्रीय होम्योपैथिक संस्थान की ओर से दिल्ली के पश्चिम विहार में भी एक सेंटर बनाया गया है। वहां से डेंगू के सैंपल जांच के लिए केंद्रीय होम्योपैथिक संस्थान नोएडा में आ रहे हैं। इसमें एक-दो मामलों में डेंगू की पुष्टि हुई है। हालांकि नोएडा के सैंपल में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।