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नोएडा-ग्रेनो के 12 बिल्डरों ने खरीदारों के पैसे लगाए दूसरी जगह, रेरा का आदेश जमा करें 2845 करोड़

Thu, 22 Nov 2018 02:37 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 12 बिल्डरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन बिल्डरों ने प्रोजेक्ट में लगे खरीदारों के पैसे दूसरी जगह लगा दिए जिससे प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सके। बिल्डरों को 15 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।
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साथ ही नोएडा क्षेत्र के 12 बिल्डरों को नोटिस जारी कर 31 दिसंबर तक 2845 करोड़ जमा करने का आदेश दिया है। बिल्डरों को यह पैसा परियोजना के डेजिग्नेटेड एकाउंट (एस्क्रो) में जमा कराना होगा और  इसकी जानकारी रेरा को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर परियोजना की कुल लागत का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

बुधवार को सेक्टर गामा दो के रेरा कार्यालय में अध्यक्ष राजीव कुमार और सदस्य बलविंदर कुमार ने बैठक की। इसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बिल्डर प्रोजेक्टों का ऑडिट करने वाली कंपनी क्यूरी एंड ब्राउन ने प्रस्तुतिकरण दिया।
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बलविंदर कुमार ने बताया कि कंपनी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 48-48 प्रोजेक्टों का ऑडिट किया है। प्रस्तुतिकरण में कंपनी ने बताया कि 12 प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिसके पैसे को बिल्डर ने दूसरी जगह पर प्रयोग किया है। इस कारण प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सके है। ऑडिट के आधार पर इन सभी 12 बिल्डरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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प्रोजेक्ट से निकलने का रास्ता बताएगी कंपनी 

बलविंदर कुमार ने बताया कि कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिनको पूरा करना मुश्किल है। ऑडिट कंपनी से ऐसे प्रोजेक्ट को चिह्नित करने को कहा गया है। साथ ही, यह भी बताना होगा कि उस पर क्या कार्रवाई हो सकती है। प्रोजेक्ट खरीदारों की एसोसिएशन के निर्माण के लिए दिया जा सकता है या भूखंड को बेचकर प्राधिकरण को जमीन दे दी जाए। कंपनी को 28 नवंबर तक यह रिपोर्ट तैयार कर देनी होगी। उस दिन रेरा के ग्रेटर नोएडा कार्यालय में बैठक बुलाई गई है। बैठक में क्यूरी एंड ब्राउन के अलावा नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।  
परखी जाएगी बिल्डरों के दावों की सत्यता, सलाहकार नियुक्त
रेरा में पंजीकरण के दौरान बिल्डरों ने जो कागजात जमा किए हैं, उनकी जांच होगी। इसके लिए रेरा ने तीन सलाहकार नियुक्त किए हैं। बलविंदर ने बताया कि सलाहकार कागजात का विश्लेषण करेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण भी करेंगे। ऐसा कर सत्यता को परखा जाएगा। अभी सुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले सामने आ चुके है, जिनमें बिल्डर के दावे झूठे निकल रहे हैं।  
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प्रोजेक्ट के पैसे को दूसरी जगह लगाने वाले 12 बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें जेपी, आम्रपाली व यूनिटेक नहीं हैं। इनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। नोटिस का जवाब आने पर कार्रवाई की जाएगी।
- बलविंदर कुमार, सदस्य, रेरा 
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