सिधाना के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि लाल किला की घटना में लक्खा सिधाना की कोई भूमिका नहीं है और यहां तक कि पुलिस ने यह भी स्वीकार किया है कि लाखा 26 जनवरी 2021 को कभी भी लाल किले में दाखिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वह एक किसान एवं एक्टिविस्ट है।
वहीं जांच अधिकारी ने कहा कि वह गैंगस्टर है और राजनीति में शामिल होना चाहता है और उसका खेती से कहीं भी संबंध नहीं है। उन्होंने कहा वह करीब 20 मामलों में शामिल है। अदालत ने पिछले महीने दीप सिद्धू और अन्य के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर हिंसा से संबंधित एक मामले में आरोप पत्र का संज्ञान लिया था और उनके खिलाफ समन जारी किया था। आरोप पत्र में इस मामले में आरोपी के रूप में दीप सिद्धू और अन्य का नाम लिया गया है।
पहला आरोप पत्र 17 मई को तीस हजारी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष दाखिल किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के तौर पर दीप सिद्धू, इकबाल सिंह, मनिंदर मोनी और खेमप्रीत समेत 16 लोगों को नामजद किया है। दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह, दंगा, हिंसा, हत्या के प्रयास और डकैती से संबंधित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में मामला दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया।
अपराध शाखा, विशेष सेल और स्थानीय पुलिस में कुल 43 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए और गणतंत्र दिवस हिंसा से संबंधित विभिन्न मामलों के सिलसिले में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।