-रविवार को आयोजित इस विशेष नेचर वॉक में प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों, शोधकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर), नई दिल्ली ने जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से पहली बार ‘संडे रेप्टाइल्स, एम्फीबियंस और मोलस्क वॉक’ का आयोजन किया। इसके साथ ही नियमित ‘संडे बर्ड वॉक’ भी आयोजित की गई। इस विशेष नेचर वॉक में प्रकृति प्रेमियों, छात्रों, वन्यजीव फोटोग्राफरों, शोधकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञ डॉ. सूर्य प्रकाश के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने चिड़ियाघर परिसर में पाए जाने वाले सरीसृपों, उभयचरों और मोलस्क की प्रजातियों के बारे में जानकारी हासिल की।
वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने स्लग, गार्डन लिजर्ड, हाउस गेको, मॉनिटर लिजर्ड और सॉफ्ट-शेल्ड कछुआ सहित पांच प्रजातियों की पहचान और रिकॉर्डिंग की। विशेषज्ञों ने इन जीवों की पर्यावरण में भूमिका, उनके व्यवहार और संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी। इसी दिन आयोजित ‘संडे बर्ड वॉक एनजेडपी’ में प्रतिभागियों ने 42 पक्षी प्रजातियों को रिकॉर्ड किया। इसमें इंडियन पीफाउल, ग्रे फ्रैंकोलिन, एशियन कोयल, पेंटेड स्टॉर्क, किंगफिशर, हॉर्नबिल, पैराकीट और कई अन्य पक्षी शामिल रहे। इस गतिविधि से चिड़ियाघर परिसर में मौजूद पक्षियों की समृद्ध विविधता सामने आई।
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. संजीत कुमार ने कहा कि इस तरह की नेचर वॉक से लोगों को जैव विविधता को समझने, प्रजातियों की पहचान करने और वन्यजीव संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम नागरिक विज्ञान (सिटिजन साइंस) को बढ़ावा देने में भी मदद करते हैं। नेशनल जूलॉजिकल पार्क आगे भी ऐसी गतिविधियां जारी रखेगा। इसी क्रम में 9 अगस्त को ‘संडे बटरफ्लाई एंड ड्रैगनफ्लाई वॉक एनजेडपी’ का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना और शहरी जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।