जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में विश्वविद्यालय प्रबंधन की रोक के बाद भी विरोध धरना व हड़ताल में भाग लेने वाले शिक्षकों के मामले की जांच अब कमेटी करेगी। जेएनयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बृहस्पतिवार को आयोजित बैठक में उक्त शिक्षकों के मामले पर चर्चा हुई। इस पूरे मामले की जांच के लिए शुक्रवार को विश्वविद्यालय ने कमेटी गठित कर दी। विश्वविद्यालय की रोक के बावजूद हड़ताल में भाग लेने के आरोपों व शिक्षकों के बयानों के आधार पर कमेटी रिपोर्ट बनाएगी। उसी के आधार पर आगे फैसला होगा।
रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार के मुताबिक, एग्जीक्यूटिव काउंसिल में विश्वविद्यालय प्रबंधन की मनाही के बाद भी शिक्षकों ने 31 जुलाई को विरोध प्रदर्शन व हड़ताल में भाग लिया था। इसी के तहत करीब 50 शिक्षक कक्षाएं छोड़कर विरोध-धरने में शामिल हुए।
एग्जीक्यूटिव काउंसिल में उक्त शिक्षकों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। उक्त 50 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने की जानकारी गलत है। ऐसा एक्जीक्यूटिव काउंसिल में कोई फैसला नहीं हुआ है। बल्कि विश्वविद्यालय अब कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच करवाने जा रहा है। अभी तक पूरे मामले की जांच ही नहीं हुई थी, ऐसे में किसी शिक्षक पर जुर्माने के रूप में एक दिन का वेतन काटने का फैसला नहीं लिया जा सकता था। कमेटी अपनी रिपोर्ट में उक्त शिक्षकों का पक्ष भी सुनेगी, ताकि सही फैसला लिया जा सके।