बंागलादेश में हुए आंतकी हमले की क्षेत्र के राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों व धर्म गुरुओं ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि बंागलादेश में नमाजियों पर आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले की जितनी भी निंदा की जाए कम है।
इस तरह के लोगों का कोई मजहब नहीं होता है और अपने आप को इस्लाम का अनुयायी बताने वाले इन लोगों का इस्लाम से दूर-दूर का रिश्ता नहीं है। युवा एकता जागरूक मंच के मोहम्मद आरिफ ने कहा कि ईद से पहले ढाका के एक रेस्टोरेंट एवं मदीना मस्जिद के पास हुए हमले आंतकवादियों की दूषित मानसिकता को दर्शाता है और इसका इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है।
धर्म गुरु मौलाना कमरूदीन, मौलाना अरसद, मुफ्ती हसन का कहना है कि इस्लाम को बदनाम करने की कुछ तंजिमो की कोई साजिश है। इस्लाम एक शांतिप्रिय मजहब है और हम इन हमलों की पुरजोर निंदा करते हैं।
कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री चौधरी आफताब अहमद व रोहताश बेदी ने संयुक्त तौर पर कहा कि ईद के दिन बंागलादेश में हुए हमले की जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा त्योहार के दिन हमला करना घृणित कार्य है और यह कायरता है।
इस तरह की घटना करने वाले लोग इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। इनेलो नेता अतर अली ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस्लाम को मानने वाला ऐसा हरगिज नहीं कर सकता है।