फरीदाबाद आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों को सरकार राहत देने पर विचार कर रही है। नगर निगम सीमाक्षेत्र में आने वाली आवासीय कॉलोनियों और सेक्टरों में चल रही व्यवसायिक गतिविधियों को कॅमर्शियल लाइसेंस देने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल नगर निगम शुल्क तो वसूलता है लेकिन इसके बाद भी सीलिंग की तलवार व्यावसायिक गतिविधियों पर लटकी रहती है।
बता दें कि पिछले दिनों सरकार ने एक योजना बनाई थी, जिसमें विकास शुल्क 1500 रुपये निर्धारित कर दिया था। लोगों ने इसका खूब विरोध किया और योजना सरकार को वापस लेनी पड़ी। नगर निगम के एक अधिकारी का कहना है कि ये समस्या पूरे शहर में बनी हुई है।
इसको लेकर मंडलायुक्त गुड़गांव, जिला उपायुक्त और निगमायुक्त की बैठक हो चुकी है, जिसमें रेट को रिवाइज कर प्रस्ताव सरकार को बनाकर भेजने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया जाएगा। इसके लागू होने से शहरवासियों को लाभ होगा और निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।