सरकारी निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने की बात कर रही है, लेकिन वे इसकी कतई परवाह नहीं कर रहे हैं। नया सत्र शुरू होने से पहले ही अभिभावकों को जोर का झटका लगने वाला है। कुछ स्कूलों ने बढ़ी फीस का सर्कुलर जारी कर दिया है तो कई जारी करने की तैयारी में हैं। इससे स्कूल प्रबंधन और अभिभावक एक बार फिर आमने-सामने हैं। अभिभावकों का कहना है कि फीस रेग्युलेटरी एक्ट तो सरकार ने बना दिया है, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया जा रहा है।
अप्रैल माह से नया सत्र शुरू हो जाएगा। इससे पहले ही शहर के कई बड़े स्कूलों ने रेग्युलेटरी एक्ट को दरकिनार करते हुए अभिभावकों से बढ़ी फीस वसूलने का नया तरीका अपनाया है। मसलन, वार्षिक शुल्क दोगुना कर दिया गया है। ट्रांसपोर्ट सुविधा और अन्य मदों में भी फीस बढ़ा दी गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों ने मार्च के प्रथम सप्ताह में ही बढ़ी फीस का सर्कुलर जारी कर दिया है, ताकि अभिभावक इसका विरोध न कर सकें।
ट्रांसपोर्टेशन शुल्क के नाम पर कटेगी जेब
इस बार स्कूलों ने ट्रांसपोर्टेशन चार्ज फिर से बढ़ा दिया है। स्कूल प्रबंधक भले ही इसमें 100 से 150 रुपये बढ़ाने की बात कह रहे हैं, लेकिन इससे उन्हें मोटा फायदा होने वाला है। स्कूल गर्मियों की छुट्टी में भी अभिभावकों से ट्रांसपोर्टेशन शुल्क लेता है।