अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने सोमवार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा जी5 पर डॉक्यूमेंट्री सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब की रिलीज रोकने के लिए दायर याचिका पर कार्यवाही समाप्त कर दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी का हवाला देते हुए कहा कि अब मामले में कुछ बाकी नहीं रहा है।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकलपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि जब तक केंद्र की जारी एडवाइजरी को रद्द नहीं किया जाता, तब तक निर्माता कंपनी इस डॉक्यूमेंट्री को रिलीज करने की स्थिति में नहीं होगी। कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाया गया मुद्दा व्यर्थ हो गया है। एडवाइजरी के मद्देनजर यह कोर्ट पाता है कि प्रतिवादी (जी5) लॉरेंस ऑफ पंजाब की सामग्री रिलीज नहीं कर पाएगा। याचिकाकर्ता को एडवाइजरी को चुनौती देने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने या कोई अन्य उचित कदम उठाने की स्वतंत्रता दी जाती है। सभी दलीलों को खुला रखते हुए याचिका का निपटारा किया जाता है।
याचिकाकर्ता के वकील ने आशंका जताई कि डॉक्यूमेंट्री को दूसरे रूप में, जैसे कि किरदारों के नाम बदलकर रिलीज किया जा सकता है। इस पर न्यायमूर्ति कौरव ने कहा, जब वे कुछ करेंगे तो आप तब उचित कानूनी कदम उठा सकते हैं।