कांग्रेस की पहली सूची में दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों को तरजीह दी गई है। वंशवाद का आरोप झेल रही पार्टी में एक दर्जन के करीब ऐसे नेता हैं जो पार्टी के पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष के रिश्तेदार हैं।
कांग्रेस की 70 सीटों में से जारी 54 सीटों की सूची में जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा कालकाजी विधानसभा से अपनी बेटी शिवानी चोपड़ा को प्रत्याशी बनाने में कामयाब हुए हैं तो चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष कीर्ति आजाद अपनी पत्नी पूनम आजाद को संगम विहार विधानसभा से टिकट दिलवाने में कामयाब रहे।
पूर्व मंत्री योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह को भी पार्टी ने आरके पुरम से प्रत्याशी बनाया है जबकि शनिवार को ही योगानंद शास्त्री, जो पूर्व स्पीकर भी रह चुके हैं, ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी टिकट बेच रही है। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा से भी नाराजगी जताई।
वंशवाद को बढ़ावा देते हुए पार्टी ने पूर्व विधायक चौधरी प्रेम सिंह के बेटे यदुराज चौधरी को अंबेडकर नगर विधानसभा का प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह के बेटे अरविंदर सिंह को एक बार फिर देवली सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।
नांगलोई के पूर्व विधायक विजेंद्र सिंह भी बेटे मनदीप सिंह को नांगलोई जाट से टिकट दिलाने में सफल रहे हैं तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू शर्मा के बेटे विपिन शर्मा पर भी पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है।
इसी तरह पूर्व विधायक हसन अहमद के बेटे मिर्जा जावेद अली को मटिया महल से, मॉडल टाउन से पूर्व विधायक कुंवर करण सिंह की बेटी अकांक्षा ओला, बाबरपुर से कैलाश जैन की बहू अनविंक्षा त्रिपाठी जैन को टिकट मिला है।