बिजली-पानी जैसी सुविधाएं अब आसानी से मिलेंगी, कानूनी अड़चन खत्म
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
केंद्र सरकार के 1511 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के फैसले के बाद इन इलाकों में बुक (अवैध निर्माण के तहत दर्ज) संपत्तियों को बड़ी राहत मिलेगी। एमसीडी ऐसी संपत्तियों को अपनी बुकिंग सूची से हटाएगी, जिससे उन पर तोड़फोड़ का खतरा खत्म हो जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, नियमितीकरण प्रक्रिया के तहत जिन कॉलोनियों को कानूनी मान्यता दी जा रही है, वहां पहले से दर्ज अवैध निर्माण के मामलों की समीक्षा की जाएगी। इन कॉलोनियों में बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियां हैं, जिन्हें पहले नियमों के उल्लंघन के आधार पर बुक किया था। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से इन संपत्तियों के मालिकों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। सबसे अहम यह कि उन्हें किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या सीलिंग की कार्रवाई का डर नहीं रहेगा। साथ ही, इन संपत्तियों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी आसानी से मिल सकेंगी, जो पहले कानूनी अड़चनों के कारण प्रभावित होती थीं।
बताया जा रहा कि जिन संपत्तियों का निर्माण मास्टर प्लान के मानकों के अनुरूप है, उनके मालिकों को किसी प्रकार का जुर्माना भी नहीं देना पड़ेगा। हालांकि, जिन मामलों में निर्माण नियमों से अधिक पाया जाएगा, वहां अलग से समीक्षा की जाएगी। एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले संबंधित कॉलोनियों का सर्वे और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद बुकिंग सूची को अपडेट किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभाग रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस तरह लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो वर्षों से अनिश्चितता की स्थिति में रह रहे थे। नियमितीकरण के साथ इन इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी, जिससे जीवन स्तर में सुधार होगा।