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समझौते से खरीदारों को मिलेगा मालिकाना हक, रजिस्ट्री विभाग कराएगा बिल्डर और खरीदारों के बीच समझौता

Thu, 20 Dec 2018 03:12 AM IST
vivek shukla ब्यूरो, अमर उजाला, नोएडा
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सांकेतिक तस्वीर
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जिला प्रशासन ने खरीदारों को फ्लैट का मालिकाना हक दिलाने के लिए नया रास्ता निकाला है। अब फ्लैट के एग्रीमेंट फॉर सबलीज (पट्टाभिलेख का इकरारनामा) से खरीदारों को मालिकाना हक मिल जाएगा। रजिस्ट्री विभाग बिल्डर और खरीदारों के बीच यह समझौता कराएगा। इकरारनामे के लिए खरीदारों को पूरी स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। अहम बात यह है कि अब इसमें प्राधिकरण की कोई भूमिका नहीं होगा। यानी प्राधिकरणों का बकाया और कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिलने की बाध्यता भी नहीं होगी। 

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जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 50 हजार फ्लैटों में खरीदार बिना रजिस्ट्री के रह रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि खरीदार पूरी स्टांप ड्यूटी जमा कर बिल्डर के साथ एग्रीमेंट फॉर सबलीज करा सकता है। इसके बाद कानूनन वह फ्लैट का मालिक हो जाएगा।

इस काम के लिए बिल्डर को प्राधिकरण से कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने की भी आवश्यकता नहीं होगी। भविष्य में जब बिल्डर प्राधिकरण का पूरा बकाया पैसा जमाकर कंप्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त कर लेगा तो वह खरीदारों को सबलीज की रजिस्ट्री कर सकेगा।उस दौरान खरीदार को केवल 50 रुपये का स्टांप शुल्क देना होगा। अगर उस दौरान सर्किल रेट में बढ़ोतरी होती है तो वह भी देय नहीं होगा। 
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30 बिल्डरों पर कराई जा चुकी है एफआईआर 
जिलाधिकारी ने कहा कि 30 ऐसे बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जिन्होंने बिना रजिस्ट्री के खरीदारों को फ्लैट पर कब्जा दिया है। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद छह बिल्डरों ने स्टांप शुल्क जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रजिस्ट्री विभाग के फंसे हुए 1300 करोड़ निकलेंगे
गौतमबुद्ध नगर में 50 हजार फ्लैट खरीदारों के बिना रजिस्ट्री मकानों पर कब्जे की वजह से रजिस्ट्री विभाग का 1300 करोड़ रुपया फंसा हुआ है। बिल्डरों व खरीदारों के बीच इकरारनामे की प्रक्रिया शुरू होती है तो खरीदारों को स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। इससे रजिस्ट्री विभाग का फंसा हुआ पैसा वापस मिल जाएगा।

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