मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की, सभी विभागों को समय पर इंतजाम पूरे करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
कांवड़ समितियों के पंजीकरण 1 जुलाई से शुरू करने की योजना है। साथ ही बड़े शिविरों की जरूरतों को देखते हुए अनुदान राशि बढ़ाने के सुझाव पर भी सरकार विचार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कांवड़ समिति की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ समितियों को आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पुरानी समितियों को जरूरी दस्तावेजों, ऑडिट और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी पहले ही उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। कांवड़ समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़े शिविरों के संचालन में खर्च लगातार बढ़ रहा है और मौजूदा अनुदान कई बार पर्याप्त नहीं होता। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और जरूरत होने पर अनुदान राशि बढ़ाने का फैसला भी लिया जा सकता है। बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल शर्मा, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे।
स्वास्थ्य और सुविधाओं पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कांवड़ शिविरों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की शिफ्टवार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा पर्याप्त पेयजल, गैस सिलिंडर, मोबाइल शौचालय और उनकी नियमित सफाई की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। पिछले वर्षों के अनुभवों की समीक्षा करते हुए जलभराव वाले स्थानों पर पहले से ड्रेनेज सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को सुरक्षा, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की तैयारियां समय रहते पूरी करने को कहा। प्रमुख प्रवेश स्थलों पर कांवड़ियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा और स्वागत द्वार लगाने की योजना भी बनाई जाएगी।