निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने श्रमिक बोर्ड के तहत मजदूरों का पंजीकरण कराने के काम को तेज कर दिया है। निर्माण मजदूरों का पंजीकरण सोमवार से एक बार फिर सरकार शुरू करने जा रही है। 11 सितंबर तक निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर घर बैठे भी अपना पंजीकरण www.edistrict.delhigovt.nic.in पर करा सकेंगे।
इसके साथ ही सभी 70 विधानसभा क्षेत्र में सरकार की तरफ कैंप लगाया जाएगा। 18-60 साल तक के लिए मजदूर पंजीकरण करा सकेंगे। हालांकि इसके लिए 90 दिन काम करने का प्रमाण पत्र, फोटो, स्थानीय आईडी प्रमाण, बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड होना जरूरी है।
दिल्ली सरकार के श्रम मंत्री गोपाल राय ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कैंप में फार्म भरे जाने के दौरान कागज पूरे होने पर तत्काल उनका सत्यापन कर दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने कोरोना के दौरान ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। इस प्रक्रिया के तहत 70 हजार निर्माण मजदूरों ने अपना आवदेन पंजीकरण के लिए दिया है।
पंजीकरण की प्रक्रिया को और तेज करने के लिए दिल्ली सरकार 24 अगस्त से 11 सितंबर तक ‘‘निर्माण मजदूर पंजीकरण अभियान’’ शुरू करने जा रही है। उन्होंने बताया कि मजदूरों को कई बार दफ्तर का चक्कर लगाने से राहत मिल जाएगी। कोरोना महामारी के दौरान बोर्ड के तहत पंजीकृत सभी मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक मदद उनके खाते में दिल्ली सरकार ने दिए हैं।
गोपाल राय ने बताया कि मजदूरों के बेटे की शादी के लिए 35 हजार रुपये और लड़कियों की शादी के लिए 51 हजार रुपये दिल्ली सरकार देती है। उनके बच्चों की शिक्षा के लिए 500 रुपये दी जाती है। दुर्घटना में मौत होने पर परिवार को 2 लाख रुपये आर्थिक मुआवजा दिया जाता है।
निर्माण से संबंधित जो मजदूर हैं और उस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, वही लोग आवेदन करेंगे। इसके तहत बढ़ई, बार बाइंडर, बेलदार, कुली, मजदूर, जो निर्माण साइट या मकान/घर बनाने में काम करते हैं। निर्माण साइट पर तैनात चौकीदार, कंक्रीट मिश्रण करने वाले, क्रेन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, फीटरमैन, लोहार, सफेदी करने वाले पेंटर, प्लंबर, पीओपी लेबर, पंप ऑपरेटर, राजमित्री, शटरिंग करने वाले, टाइल्स स्टोन फीटर और बेल्डर क्षेणी के कर्मचारी भी इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकते हैं।