गोपाल राय ने कहा कि पूरी दिल्ली में एंटी डस्ट अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और आगे भी पूरे दिल्ली के अंदर अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है, तो सरकार इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
दिल्ली के 100 व्यस्त चौराहों पर नजर
गोपाल राय ने कहा कि यह जागरूकता अभियान होगा, इसमें प्रवर्तन का कार्य नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह से जागरूकता कार्यक्रम होगा। अभियान दिल्ली के लोगों का होगा। जो दिल्ली के प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं, दिल्ली के पर्यावरण को ठीक रखना चाहते हैं, उन सब लोगों को अभियान की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। यह दिल्ली के दो करोड़ लोगों का अभियान है। यह किसी तरह का कोई भी प्रवर्तन नहीं किया जाएगा। पर्यावरण मॉर्शल की हर चौराहे पर दो शिफ्ट में नियुक्ति की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर के 2 बजे तक होगी, जिसमें 10 मॉर्शल हर चौराहे पर लगाए जाएंगे। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक होगी। उसने भी 10 मॉर्शल प्रत्येक चौराहों पर लगेंगे।
अभियान में स्कूली बच्चों को भी करेंगे शामिल
गोपाल राय ने बताया कि अभियान में हम स्कूली बच्चों को भी शामिल करेगे। दिल्ली में अभी ऑनलाइन क्लास चल रही है, इसलिए हम शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन क्लास लेने वाले बच्चों को जागरूक करने का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों ने ऑड ईवन अभियान में बड़ी भूमिका अदा की थी।
गोपाल राय ने बताया कि सरकार प्रदूषण कम करने के लिए हर विकल्प अपनाने को तैयार है। ऑड ईवन जैसा विकल्प अंतिम होगा। सारी कोशिश के बावजूद अगर दिल्ली का प्रदूषण कम नहीं होता तो सरकार इस दिशा में काम करने से पीछे नहीं रहेगी।
राघव चड्ढा ने चलाया अभियान
आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने सोमवार को राजेन्द्र प्लेस मेट्रो स्टेशन के सिग्नल पर रेड लाइट ऑन, गाडी ऑफ अभियान चलाया। अपने समर्थकों के साथ सिग्नल पर पहुंचे राघव ने वाहन चालकों से वाहन बंद रखने की अपील की गई। राघव ने बताया कि जैसे बूंद-बूंद से सागर भरता है वैसे ही रेड लाइट पर गाड़ी बंद करने की ये छोटी सी कोशिश हमें प्रदूषण के खिलाफ इस बड़े युद्ध में जीत दिलाने में मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्य भले ही अपने नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता ना करें लेकिन दिल्ली सरकार को अपने नागरिकों की फिक्र है। कोई राज्य पराली जला रहा है, कोई डीजल जेनसेट को बैन नहीं कर रहा है ये जानते हुए भी कि उनसे कितना प्रदूषण होता है। जबकि दिल्ली सरकार सभी नियमों को मानती है और अपने नागरिकों का ख्याल रखती है। प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली जंग जरूर जीतेगी।