अभियान के प्रति अनभिज्ञ हैं लोग
आईटीओ चौराहे में जब अभियान को लेकर जायजा लिया गया, तो कई वाहन चालकों को इसके बारे में पता ही नहीं था। यहां लाल बत्ती ऑन होने के बाद भी कई वाहन चालकों ने इंजन बंद नहीं किया। वाहन चालक पुलकित ने बताया कि उन्हें इस अभियान के बारे में पता नहीं है। वह कहते हैं कि कई लाल बत्ती बंद है, ऐसे में इंजन को बार-बार बंद करने से पेट्रोल अधिक लगता है। वहीं, राजस्थान से आए ट्रक चालक उदित कहते हैं कि उन्हें इस नियम के बारे में जानकारी नहीं है।
सड़क हादसों को दावत
लाल बत्ती खराब होने से पैदल यात्रियों का सड़क पार करना मुश्किल हो गया है। मजबूरन वे चलते हुए यातायात के बीच ही लालबत्ती पार कर रहे हैं। इससे कभी भी कोई भयानक सड़क हादसा हो सकता है। ये खराब लालबत्ती सड़क हादसों को दावत दे रही हैं। विवेक विहार के पास लोग चलते यातायात के बीच से जान जोखिम के डाल सड़क पार करते दिखे।
15-20 फीसदी कमी आ सकती है प्रदूषण में
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक बयान में बताया है कि पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ अभियान को सफलता पूर्वक लोग पालन करते हैं तो दिल्ली के अंदर 15 से 20 फीसदी तक वाहन प्रदूषण को कम किया जा सकता है। यह पूरा अभियान इसी बात को लेकर है कि रेड लाइट पर अपने इंजन को बंद करने की आदत बना लें।