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रिकॉर्ड मतदान बन गया विवाद की वजह

Fri, 25 Apr 2014 02:50 AM IST
मलिक असगर हाशमी/अमर उजाला, गुड़गांव
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लोकसभा चुनाव के दौरान रिकार्ड तोड़ 73 फीसदी मतदान विवाद का विषय बन गया है। बसपा के बाद अब भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत सिंह संसदीय क्षेत्र के एक हिस्से में बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगा रहे हैं।
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हालांकि, यह सवाल मतदान के करीब दस दिनों बाद उठाए जाने पर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। बोगस मतदान का प्रश्न उठाने वालों का कहना है कि लोकसभा क्षेत्र के मेवात जिले में सबसे अधिक बोगस वोटिंग हुई। इसके कारण जिले के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों के मुकाबले यहां मतदान का प्रतिशत अधिक रहा।

एक प्रमुख दल के प्रत्याशी के पैतृक गांव के बारे में आरोप है कि वहां सबसे अधिक लगभग 78 फीसदी तक वोटिंग हुई। बाद में वहां के युवाओं की उंगलियों की जांच करने पर उनपर मतदान के दौरान लगाई जाने वाली सियाही के निशान नहीं मिले।
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बसपा प्रत्याशी धर्मपाल पहलवान राठी का आरोप है कि मेवात क्षेत्र में मतों की लूट हुई है। कांग्रेस, भाजपा और इनेलो के लोगों को जहां मौका मिला, वहीं लूटपाट मचाया। एक निर्दलीय प्रत्याशी की शिकायत है कि नगीना के 45 नंबर बूथ पर आम आदमी पार्टी के लोगों ने उत्पात मचाया। दूसरे के वोट उन्होंने खुद डाले।


राठी और निर्दलीय प्रत्याशी ने इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत भी की है। बृहस्पतिवार को भाजपा प्रत्याशी राव इंद्रजीत ने मुख्य निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मेवात के करीब 11 प्रतिशत बूथों पर 90 प्रतिशत पोलिंग की जांच करने की मांग की है।

मेवात के उपायुक्त आरसी वर्मा नहीं मानते कि चुनाव के दौरान उनके जिले में किसी तरह की धांधली हुई। उनका कहना है कि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। पर्यवेक्षक यहां के मतदान से संतुष्ट हैं। चुनाव आयोग से की गई शिकायतें भी इसी बिना पर खारिज कर दी गईं। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने शांतिपूर्वक एवं निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए उपायुक्त शेखर विद्यार्थी सहित दूसरे सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को सम्मानित करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि उम्मीद से कहीं अधिक चुनाव शांतिपूर्ण रहा।
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