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विभाजन का दर्द किया याद: पीड़ितों के संघर्ष-बलिदान को किया नमन, कार्यक्रम में 1947 की दर्दनाक कहानियां जीवंत

Fri, 14 Aug 2026 01:36 PM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

भाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर जनपथ रोड पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 1947 के विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, बिछड़ने और संघर्ष की स्मृतियों को सामने रखा गया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कपिल मिश्रा ने विभाजन पीड़ितों के संघर्ष, साहस और बलिदान को नमन किया।
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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विशेष कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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1947 के विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को कमजोर करने वाली मानसिकता को दोबारा कभी पनपने नहीं दिया जाएगा। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के मौके पर जनपथ रोड पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और कपिल मिश्रा ने विभाजन पीड़ितों के संघर्ष, साहस और बलिदान को नमन किया।

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कार्यक्रम में 1947 के विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, बिछड़ने और संघर्ष की स्मृतियों को सामने रखा गया। कपिल मिश्रा ने कहा कि विभाजन की विभीषिका को वर्षों तक दबाने और भुलाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह सुनिश्चित किया है कि उस दौर का दर्द, बलिदान और उससे मिले सबक कभी भुलाए न जाएं। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस करोड़ों पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से सीख लेने का अवसर है।

इतिहास भुलाया तो कमजोर होगी नींव 
कपिल मिश्रा ने कहा कि जो समाज अपने इतिहास, बलिदानों और उनसे मिले सबक को भूल जाता है, उसका भविष्य मजबूत नहीं हो सकता। विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ देश को यह प्रण दोहराना होगा कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को कमजोर करने वाली सोच दोबारा जगह न बना सके। कार्यक्रम में विभाजन की घटनाओं को केवल इतिहास के एक अध्याय के तौर पर नहीं, बल्कि उससे जुड़े मानवीय दर्द और संघर्ष के रूप में सामने लाया गया।
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कला के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंची विभाजन की कहानी 
विशेष आयोजन में संगीत, रंगमंच और वीडियो को एक साथ जोड़कर 1947 के विभाजन की कहानी प्रस्तुत की गई। सोनम कालरा और उनकी टीम ने ‘स्टोरीज ऑफ सेपरेशन’ की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसमें अलगाव, विस्थापन, बिछड़ने और उस दौर की स्मृतियों से जुड़ी कहानियों को कलात्मक तरीके से पेश किया गया। प्रस्तुति के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया कि राजनीतिक फैसलों का असर आम लोगों के जीवन पर किस तरह पड़ा।

मानवीय कहानियों को याद रखना जरूरी 
कपिल मिश्रा ने कहा कि संगीत, रंगमंच और वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत कार्यक्रम इतिहास की उन मानवीय कहानियों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है, जो विभाजन की त्रासदी के पीछे छिपे दर्द और संघर्ष को सामने लाती हैं। उन्होंने आयोजन के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और कलाकारों का भी आभार जताया।

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