वर्ष 1977 में लोकसभा क्षेत्र बनने के बाद से फरीदाबाद सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। 15
में से 10 बार पार्टी ने अच्छे वोटों के साथ अपनी विजय पताका फहराई। लेकिन
इस बार चुनाव परिणाम आने से पहले खुद कांग्रेसी ही इस डगर को कठिन मान रहे
हैं। क्योंकि उनका मानना है कि पार्टी के 60 फीसदी से अधिक पदाधिकारियों
ने इस आम चुनाव में भितरघात किया।
लगभग 35 साल से पार्टी में
जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभाल रहे बलदेव राज ओझा ने इस स्थिति पर ‘अमर उजाला’
से अपने दिल का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बड़ी
पार्टी है इसलिए इसमें लोगों की नाराजगी कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन इस
बार जिस स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों ने अपनी ही पार्टी से बगावत की है
उससे काफी व्यथित हूं।
उन्होंने कहा कि लोकसभा क्षेत्र के अधिकांश विधायकों
ने पार्टी कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी। बल्कि उनके खिलाफ काम करना
अपनी शान समझा। नौकरशाहों ने कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी। इससे जमीनी स्तर
पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मन खिन्न रहा। उसके बाद विधायकों और बड़े
पदाधिकारियों ने बगावत करके आग में घी डालने का काम किया।