फूलन देवी से बेहमई गांव में 22 ठाकुरों की निर्मम हत्या का बदला लेकर शेर सिंह राणा उनका बड़ा नेता बनना चाहता था। बदला लेने के लिए उसने कई साल तक योजना बनाई थी। हत्या की फंडिंग के लिए उसने दो बार बैंक डकैती भी की। यह जानकारी अदालती फैसले में सामने आई।
पुलिस के मुताबिक राणा कॉलेज के दिनों से ही बेहद महत्वाकांक्षी था। ठाकुर समुदाय से ताल्लुक रखने वाला राणा बेहमई कांड के बाद फूलन देवी से नफरत करता था। फूलन देवी से बदला लेकर शेर सिंह ठाकुरों का स्वयंभू नेता बनना चाहता था।
इसके पीछे उसका मकसद नाम व शॉर्ट कट से पैसा कमाना था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसने साथियों के साथ मिलकर फूलन की हत्या की साजिश रची। हत्या की फंडिंग के लिए राणा ने वर्ष अलग-अलग बैंकों से 2000 में 10 लाख व 2001 में 15 लाख रुपये लूटे थे।