नोटबंदी के बाद एनएच-8 (दिल्ली-जयपुर) स्थित खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर टोल वसूलने के लिए प्रबंधन की असली परीक्षा आज (सोमवार) होगी। नौकरीपेशा और रविवार के अवकाश पर बाहर घूमने निकले लोगों के वापसी आगमन के कारण हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने की संभावना है।
खासकर सुबह व शाम के समय पीक ऑवर्स में वाहनों की संख्या में खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस दौरान तेजी से टोल नाके से वाहनों को निकालना होगा, नहीं तो हालात बिगड़ सकते हैं। वहीं, टोल प्रबंधन ने वाहनों के अधिक दबाव को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि वाहन चालकों को टोल से निकलने में परेशानी न हो।
नोटबंदी के बाद खेड़कीदौला टोल पर शनिवार से टोल वसूलने की प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। अभी तक टोल पर 500 का नोट लिया जा रहा था, लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गई है। अब टोल पर केवल नए नोट ही चलेंगे। इससे टोल देने में लोगों को कुछ परेशानी आ रही है।
इसी स्थिति को संभालने के लिए टोल प्रबंधन इंतजाम करने में लगा है। टोल पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही मार्शल भी लगाए गए हैं। सोमवार को दिल्ली से जयपुर और जयपुर से दिल्ली की ओर काफी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है।
जानकारों के अनुसार, नौकरीपेशा लोगों के अलावा रविवार के दिन छुट्टी मनाने शहर से बाहर निकले लोगों का अधिक संख्या में आवागमन होता है। खेड़कीदौला टोल पर करीब 21 लेन हैं, जिनसे वाहनों को टोल देने के बाद निकलना होता है।
इन सभी लेन में टोल का भुगतान के लिए नगद, फास्टैग, पास्टैग, डेबिट, क्रेडिट, हाईवेसाथी, पेटीएम, मोबिक्विक से टोल देने की व्यवस्था की गई है। इसी के साथ सोमवार को टोल पर डेबिट-क्रेडिट से टोल लेने के लिए मशीनें बढ़ाई जाएंगी, जिनकी बढ़कर संख्या 58 हो जाएगी।
इन मशीनों को साथ लेकर टोल कर्मचारी वाहनों की लाइन में पहुंच जाएंगे और वाहन के टोल बूथ तक पहुंचने से पहले ही वह टोल का भुगतान कर देंगे। इसके बाद टोल बूथ पर पर्ची दिखाकर वाहन चालक आगे निकल जाएंगे। इससे समय की बचत होगी और वाहन चालकों को भी राहत मिलेगी।
पहले रोज 42-43 लाख की टोल वसूली होती थी
टोल अधिकारियों की मानें तो नोटबंदी से पहले जहां रोज 42-43 लाख रुपये की टोल वसूली होती थी, वहीं शनिवार को 24 घंटे के दौरान 38 लाख का टोल ही वसूला जा सका। टोल का संचालन करने वाली कंपनी एमसीईपीएल के महाप्रबंधक संजय राय के मुताबिक, टोल खुलने के पहले दिन जाम न लगे, इसके लिए काफी वाहनों को बिना टोल लिए ही निकाला गया। सोमवार को स्थिति को संभालने के लिए टोल कलेक्शन मशीनें बढ़ाई गई हैं, ताकि वाहन चालकों को टोल चुकाने में किसी तरह की समस्या न हो।