सकल घरेलू उत्पाद में दस फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला रियल्टी सेक्टर नई सरकार से बहुत उम्मीद रखता है।
ये सेक्टर नई सरकार से कैसी उम्मीद रखता है इस बारे में अमर उजाला ने बात की इस क्षेत्र से जुड़े लोगों से। अर्थ ग्रुप ऑफ कंपनीज के संयुक्त प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता का कहना है कि रियल एस्टेट में सिंगल विंडो सिस्टम लागू होना चाहिए।
जमीन मिलने से लेकर फ्लैट देने तक की जो भी औपचारिकताएं होती हैं, वह एक ही जगह पूरी हों। उन्होंने कहा कि विदेशी पूंजी निवेश को छूट देना भी जरूरी है।
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जेएम हाउसिंग के निदेशक रूपेश गुप्ता का कहना है कि जमीन और पूंजी अगर सस्ती दर पर मिले तो, अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट लाए जाएंगे। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों का घर का सपना पूरा हो सकेगा।
क्रेडाई के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनोज गौड़ का कहना है कि जमीन खरीदने से लेकर फ्लैट बनाकर ग्राहकों को देने तक लिक्विडिटी का इंतजाम बिल्डरों को खुद करना पड़ता है। प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद बैंक लोन पर उच्च ब्याज दर के चलते ग्राहकों को परेशानी होती है।
सरकार किसी की भी बने, मगर लोगों की इस मूलभूत जरूरत को ध्यान में रखते हुए रियल एस्टेट की समस्याओं का निदान किया जाना चाहिए। प्रतीक ग्रुप के सीएमडी प्रशांत तिवारी और अजनारा के सीएमडी अशोक गुप्ता ने नई सरकार के आने के बाद इन मुद्दों के हल होने की उम्मीद जताई है।