खून की जांच होगी आसान, मरीजों को निजी लैब के खर्च से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में खून की जरूरी जांच लगातार जारी रखने के लिए आवश्यक रीजेंट्स और जांच सामग्री आएगी। इससे मरीजों को जांच के लिए बाहर निजी लैब का सहारा लेने की जरूरत कम होगी। अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में सिस्मेक्स 5-पार्ट ऑटोमेटेड हेमटोलॉजी एनालाइजर (एक्सएन-1000) मशीन लगी है। इसके संचालन के लिए विशेष रीजेंट्स की जरूरत होती है। अस्पताल प्रशासन अधिकृत आपूर्तिकर्ता से मशीन के लिए जरूरी मूल रीजेंट्स और जांच किट खरीदने की तैयारी कर रहा है।
खून की जांच कई बीमारियों की पहचान और इलाज के लिए जरूरी होती है। सीबीसी जांच के जरिए हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स और सफेद रक्त कोशिकाओं समेत खून के कई महत्वपूर्ण घटकों की जानकारी मिलती है। डेंगू, मलेरिया, एनीमिया और संक्रमण जैसी स्थितियों में डॉक्टरों के लिए यह जांच काफी महत्वपूर्ण होती है। लैब में पर्याप्त रीजेंट्स उपलब्ध रहने से जांच के काम में रुकावट कम होगी। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा। सैंपल देने के बाद रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार कम होने की उम्मीद है, जिससे डॉक्टर समय पर इलाज शुरू या उसमें जरूरी बदलाव कर सकेंगे।
सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध रहने से मरीजों को बाहर निजी लैब में जाकर अतिरिक्त पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह राहत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बीमारी के दौरान दवाओं और अन्य इलाज पर पहले ही काफी खर्च होता है। अस्पताल प्रशासन मशीन के लिए अधिकृत आपूर्तिकर्ता से मूल रीजेंट्स लेने की प्रक्रिया कर रहा है। इससे मशीन की जांच प्रक्रिया सुचारू रखने और रिपोर्ट की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी। यानी जरूरी जांच सामग्री की उपलब्धता का फायदा सीधे मरीजों तक पहुंचेगा। जांच में रुकावट कम होगी, रिपोर्ट समय पर मिलने में मदद मिलेगी और मरीजों को निजी लैब के अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिल सकेगी।