दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 22.50 करोड़ रुपये लेकर भागने वाले ड्राइवर को 12 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया। उसे शुक्रवार तड़के ओखला फेज-तीन में स्थित एक गोदाम से नोटों के भरे बक्सों के साथ पकड़ा गया।
मूलरूप से बलिया, यूपी के रहने वाले आरोपी ने अकेले ही लूट की वारदात को अंजाम दिया। वह रकम लेकर यूपी भागने की फिराक में था। उसने 10.50 हजार रुपये ही खर्च किए थे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
साउथ-ईस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णनईया ने बताया कि ड्राइवर प्रदीप शुक्ला द्वारा एसआईएस कैश सर्विसेज कंपनी की कैश वैन को लेकर भागने की सूचना 26 नवंबर को शाम 5.48 बजे मिली थी।
फोन किया तो उसने कहा कि उसने वैन आगे खड़ी कर रखी है
सूचना मिलते ही ओखला थानाध्यक्ष नरेश सोलंकी मौके पर पहुंच गए थो। एसआईएस कैश सर्विसेज कंपनी प्राइवेट और सरकारी बैंकों के एटीएम में कैश जमा कराती है।
उन्होंने बताया कि कैश वैन विकासपुरी से कंपनी के फेस-वन, ओखला ऑफिस के लिए 22.50 करोड़ रुपये लेकर चली थी। शाम 3.45 बजे ओखला मंडी के पास सुरक्षा गार्ड विनय कुमार बाथरूम के लिए गया था।
जब वह वापस आया तो प्रदीप शुक्ला कैश वैन को लेकर गायब था। विनय ने प्रदीप को फोन किया तो उसने कहा कि उसने वैन आगे खड़ी कर रखी है।
पुलिस टीम ने प्रदीश शुक्ला के घर में दबिश दी
जब काफी देर तक प्रदीप कैश वैन लेकर नहीं आया तो विनय ने फिर फोन किया। प्रदीप ने अपना फोन बंद कर लिया। काफी देर इंतजार करने के बाद विनय ने इसकी सूचना ओखला ऑफिस में बैठने वाले ब्रांच इंचार्ज आनंद कुमार को दी।
कुछ समय बाद कैश वैन गोविंदपुरी मेट्रो स्टेशन के पास मिल गई थी। वैन से बक्सों में रखा 22.50 करोड़ रुपये गायब थे। ओखला थाना पुलिस ने तफ्तीश शुरू की।
पुलिस टीम ने हरकेश नगर में प्रदीश शुक्ला के घर में दबिश दी, मगर वह नहीं मिला। आरोपी मूलरूप से लेसानी भावनोली, थाना नागरा, पोस्ट लेहसानी, जिला बलिया यूपी का रहने वाला है।
मोबाइल डिटेल से पुलिस प्रदीप के नजदीकी अजीत तक पहुंची
कैश वैन में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ था। जीपीएस की लोकेशन से पुलिस को पता चला कि वैन ओखला फेज-3 में कहीं काफी देर से रुकी है। इसके अलावा आरोपी प्रदीप शुक्ला के मोबाइल की डिटेल खंगाली गई।
प्रदीप हरकेश नगर में रहने वाले अजीत के संपर्क में था। अजीत उसे रात करीब 9.30 बजे उसे मिला था। मोबाइल डिटेल से पुलिस अजीत तक पहुंच गई।
अजीत ने पुलिस को बताया कि वह रात को उससे मिला था और एक जानकार के पास गोदाम में हो सकता है। आखिरकार पुलिस टीम ने उसे ओखला के फेस-तीन स्थित गोदाम से पकड़ लिया। गोदाम से 9 बक्सों में रखी पूरी रकम बरामद कर ली गई।
गार्ड को बताया, बक्सों में है महंगा वाला प्लास्टिक
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदीप शुक्ला कैश वैन लेकर 216, फेस-तीन, ओखला में स्थित कश्यप मोटर्स के गोदाम में पहुंचा। यहां बुजुर्ग रामसूरत सुरक्षा गार्ड है। प्रदीप शुक्ला रामसूरत को जानता है।
प्रदीप जब कैश वैन को लेकर गोदाम में गया तो उसने रामसूरत को बताया था कि वह महंगा वाला प्लास्टिक खरीदकर लाया है। वह अगले दिन उसे यूपी ले जाएगा। इस कारण रामसूरत को उस पर संदेह नहीं हुआ था।
संयुक्त पुलिस आयुक्त आरएस कृष्णनईया ने बताया कि जांच में पता लगा कि एसआईएस कैश सर्विसेज कंपनी ने आरोपी ड्राइवर प्रदीप शुक्ला का पुलिस वेरीफिकेशन करवा रखा था। उसके खिलाफ कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है। आरोपी ने कंपनी में कोटला मुबारकपुर का पता दे रखा है। जबकि हरकेश नगर में परिवार के साथ रह रहा था। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटी व एक बेटा है।