दिल्ली ही था भूकंप का केंद
नेशनल सेंटर फॉर सेसमॉलॉजी के मुताबिक, सुबह-सुबह 5 बजकर 36 मिनट पर भूकंप के तेज झटके आए। इसका केंद्र दिल्ली के 5 किमी. की गहराई में रहा है। ये भूकंप दिल्ली-एनसीआर में अक्षांश: 28.59 उत्तर, लंबाई: 77.16 पूर्व, गहराई: 5 किमी के आस-पास रहा। दिल्ली ही भूकंप का केंद्र था। इस वजह से यहां के लोगों को झटके काफी देर तक महसूस हुए।
दिल्ली पुलिस ने जारी किया हेल्प लाइन नंबर
दिल्ली एनसीआर में आए भूकंप के बाद दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स पर हेल्प लाइन नंबर साझा किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि अगर किसी को कई परेशानी या दिक्कत हो तो इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर से संपर्क कर सकता है।
भूकंप से झील पार्क में 20-25 साल पुराना पेड़ उखड़ा
धौला कुआं स्थित झील पार्क के रखवालों का दावा है कि आज सुबह आए 4.0 तीव्रता के भूकंप ने पार्क में लगे 20-25 साल पुराने पेड़ को उखाड़ दिया। भूकंप का केंद्र धौला कुआं में था। पार्क में केयरटेकर महावीर ने जानकारी देते हुए बताया कि मैं आज सुबह 9 बजे ड्यूटी पर आया था। मैंने देखा कि पेड़ उखड़ा हुआ है। यह पेड़ 20-25 साल पुराना है। ऐसा भूकंप के कारण हुआ होगा, क्योंकि यहां हवा या आंधी जैसी कोई बात नहीं थी। कर्मचारियों ने बताया कि भूकंप के बाद जब उन्होंने पार्क का दौरा किया तो उन्होंने देखा कि पेड़ उखड़ गया है।
भूकंप आने पर क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
भूकंप के दौरान घर में हैं तो क्या करें
आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं। किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं। सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
भूकंप के दौरान घर के बाहर हैं तो क्या करें
यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें। यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।
भूकंप के दौरान वाहन चलाते वक्त क्या करें
जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें। सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप द्वारा क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।