पाठखोरी गांव के डिपोधारक अनीश के खिलाफ पुलिस ने राशन हड़पने, फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर धोखाधड़ी करने, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह मामला अदालत के आदेश पर दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार पाठखोरी गांव के संजेद ने उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी अमित गौतम की अदालत में याचिका दायर कर कहा कि वह और उसका परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करता है।
उसका बीपीएल का कार्ड बना हुआ है। सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को दिए जाने वाले सभी लाभ उसे मिल रहे थे। उसके परिवार में 12 सदस्य हैं। संजेद ने कहा कि मई 2016 से उसको गांव के डिपो धारक अनीश ने न तो राशन ही दिया और न ही मिट्टी का तेल। जब उसने बार-बार अनीश से राशन एवं मिट्टी का तेल देने को कहा तो वह टालता रहा।
संजेद का कहना है कि एक अक्तूबर को जब उसने डिपोधारक से राशन व मिट्टी का तेल मांगा तो उसने देने से मना किया और साथ ही धमकी दी कि यदि उसने कानूनी कार्रवाई की तो वह उसे जान से मार देगा। संजेद ने इस संबंध में 1 अक्तूबर 2016 को शिकायत थाना प्रबंधक फिरोजपुर झिरका से की। जबकि पांच अक्तूबर को सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी से शिकायत की। अदालत ने संजेद की याचिका पर संज्ञान लेते हुए पुलिस को कार्रवाई करने के आदेश दे दिए। अदालत के आदेश पर पुलिस ने पाठखोरी गांव के डिपोधारक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पाठखोरी गांव के डिपोधारक अनीश के खिलाफ राशन हड़पने, रिकॉर्ड़ में हेराफे री करने तथा याचिकाकर्ता को जान से मारने की धमकी देेने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कर्मबीर सिंह, थाना प्रबंधक फिरोजपुर झिरका