इस वजह से बदले नियम
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पहले निर्धारित आय सीमा वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं थी। उनका कहना है कि आज के समय में एक लाख रुपये वार्षिक आय किसी परिवार की न्यूनतम जरूरतों को भी पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पात्रता सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि अधिक जरूरतमंद लोगों तक सस्ती दरों पर राशन पहुंचाया जा सके।
सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाएगी
सरकार का कहना है कि यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में की गई घोषणा के अनुरूप है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार राशन वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) आधारित स्मार्ट राशन वितरण मॉडल लागू करने पर काम कर रही है। इस व्यवस्था में राशन सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में भेजी जाएगी जिससे वे अधिकृत दुकानों से जरूरत के अनुसार राशन ले सकेंगे। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और भविष्य में निजी बैंकों को भी इससे जोड़ा जा सकता है।
उपयोगी जानकारियां
-अब 2.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवार राशन कार्ड के पात्र हो सकेंगे। उल्लेखनीय है कि पहले यह सीमा एक लाख रुपये थी जिसे बाद में 1.2 लाख किया गया और अब इसे फिर बढ़ाया गया है।
-राशन सब्सिडी भविष्य में सीधे डिजिटल वॉलेट में मिलने की योजना है।
-लाभार्थी अधिकृत दुकानों से अपनी सुविधा के अनुसार राशन ले सकेंगे।
क्या होगा फायदा
-अधिक परिवार सरकारी राशन योजना से जुड़ सकेंगे।
-राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी।
-फर्जी लाभार्थियों और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
-सब्सिडी और लेन-देन की रियल टाइम जानकारी मिलेगी।
-डिजिटल शिकायत प्रणाली से समस्याओं का तेजी से समाधान हो सकेगा।